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अब फर्जीवाड़ा खत्म! यूपी बोर्ड की नई मार्कशीट होगी पानी, धूप और फाड़ने से भी सुरक्षित, जाने पूरा मामला

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार हाईस्कूल और इंटर की मार्कशीट को पूरी तरह सुरक्षित बना दिया है। नई अंकतालिका पानी, धूप और फटने से बचेगी। लेमिनेशन की जरूरत नहीं होगी। और फर्जीवाड़ा करना लगभग नामुमकिन होगा।

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फाइल फोटो पत्रिका

फाइल फोटो पत्रिका

माध्यमिक शिक्षा परिषद इस साल हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों को नई तकनीक से तैयार की गई विशेष मार्कशीट देने जा रहा है। यह मार्कशीट न केवल मजबूत होगी। बल्कि पानी, नमी और धूप से भी सुरक्षित रहेगी। परिषद का दावा है कि इसे नकली बनाना लगभग नामुमकिन होगा। इसे लेमिनेशन कराने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद इस वर्ष छात्रों को अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स से लैस नई अंक तालिकाएं जारी करने की तैयारी में है। परिषद का कहना है कि इस बार दी जाने वाली मार्कशीट पहले से अधिक सुरक्षित और टिकाऊ होगी। इसे खास तरह के कागज पर तैयार किया गया है। जो पानी या नमी के संपर्क में आने पर खराब नहीं होगी। सामान्य कागज की तरह आसानी से फटेगा भी नहीं।

नई मार्कशीट पर होगा विशेष मोनोग्राम, धूप में चमकेगा

परिषद के सचिव भगवती सिंह के अनुसार, पिछले वर्ष करीब 58 लाख विद्यार्थियों को सुरक्षित मार्कशीट दी गई थी। हालांकि उसमें कुछ तकनीकी कमियां सामने आई थीं। जिन्हें इस बार पूरी तरह सुधार लिया गया है। नई मार्कशीट पर एक विशेष मोनोग्राम अंकित होगा। जो धूप में हल्का चमकेगा। यह फीचर इसकी असलियत पहचानने में मदद करेगा।

मार्कशीट को लेमिनेशन करने की नहीं पड़ेगी जरूरत

सबसे खास बात यह है कि इस मार्कशीट को लेमिनेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। इसकी गुणवत्ता ऐसी है कि लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकेगी। परिषद का दावा है कि इसे नुकसान पहुंचाना बेहद कठिन है। यहां तक कि मजाकिया अंदाज में यह भी कहा गया है कि अगर कोई इसे आसानी से फाड़ दे तो उसे एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।

अब फर्जी मार्कशीट तैयार करना होगा नामुमकिन

नई अंकतालिका ऐसे विशेष पेपर पर छापी जा रही है। जो देश की चुनिंदा कंपनियों में ही तैयार होता है। इसमें ऐसे सुरक्षा चिह्न शामिल हैं। जिनके कारण इसकी फोटो कॉपी कराने पर भी कॉपी पर विशेष निशान स्वतः उभर आएंगे। इससे फर्जी मार्कशीट तैयार करना लगभग असंभव हो जाएगा। परिषद का उद्देश्य छात्रों के प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता बढ़ाना और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाना है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की धोखाधड़ी की संभावना खत्म की जा सके।