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जूली जूली जूली… ये लड़की नहीं मामूली, 19 साल की स्टूडेंट के हर तरफ हो रहे चर्च

गोंडा की जूली स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा है...

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19 years student julie

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गोण्डा. इंसान मन जो भी करने की ठान ले और काम के प्रति उसकी लगन पक्की हो तो दुनिया का कोई भी काम असंभव नहीं रहता है। इसका जीता-जागता उदाहरण है मुजेहना क्षेत्र के पंडितपुरवा की जूली उर्फ फूलकुंवरि पान्डेय। पूरा क्षेत्र उसके काम की तारीफ करता नहीं थक रहा है। गोंडा जिले की इस बालिका के काम को सुनेंगे तो आप भी दंग रह जाएंगे और कहेंगे लड़की हो तो जूली जैसी।

19 वर्ष की जूली स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा है। जूली के काम की तारीफ सभी कर रहे हैं, वहीं बेजुबान पक्षी भी जूली की तरफ कृतज्ञता भरी नजरों से देख रहे हैं। जूली की सराहनीय पहल को देखते हुए गोंडा के जिलाधिकारी जेबी सिंह व अन्य आला अधिकारी उसे सम्मानित भी कर चुके हैं।

छेड़ रखा है बड़ा अभियान
जूली ने क्षेत्र में स्वच्छता का वीणा उठा रहा है। वह गांवों में जा-जाकर लोगों को शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित कर रही है। घर-घर जाकर बहू बेटियों को शौचालय के लिये जागरूक कर रही है। जूली हर किसी महिला पुरुष से गांव में मिलकर शौचालय बनवाने के लिये प्रेरित करती है। जुली की मेहनत रंग लायी और आज करीब छह दर्जन लोग शौचालय बनवा लिये। एक तरफ सरकारी कर्मचारी स्वच्छता मिशन को लेकर घर घर दस्तक दे रहे हैं, वहीं यह होनहार जज्बाती बेटी ने लोगों को स्वच्छता मिशन के तहत जागरूक करने का अभियान छेड़ रखा है।

चुपके पेड़ पर चढ़ जाती थी जूली और...
बेजुबानों की मदद के लिये जूली ने साथियों की मदद से पक्षियों की प्यास बुझाने के लिये बाग-बगीचों, घरों व आसपास के पेड़ों पर घड़ों में पानी भरकर टंगवा दिया है। ताकि गर्मी में बेजुबानों को पानी के लिये इधर-उधर तड़पना न पड़े। जूली बताती है कि शुरुआती दौर में उसके इस काम से परिवार के लोग खुश नहीं थे। लेकिन तब भी जूली चुपके से पेड़ों पर चढ़कर पानी भरे मटके टांग आया करती थी।

ग्रामीणों के लिए रोल मॉडल बनी जूली
जूली ने बताया कि उसका यह अभियान हमेशा यूं ही चलता रहेगा। उसने बताया कि हमारी टोली में सहयोगी रोशनी, कीर्ति, रोहनी पान्डेय सहित अन्य कुछ लड़कियां सम्मलित हैं। लोगों का कहना है कि अगर हर क्षेत्र में जूली एक-दो लड़कियां ही सामने आ जाएं, तो वह दिन दूर नहीं होगा, जब पूरा देश खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा।