
सांकेतिक फोटो जेनरेट Ai
गोंडा जिले से पुलिस महकमे की बड़ी खबर सामने आई है। रिश्वत लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी टालने के आरोप में कर्नलगंज क्षेत्र के बालपुर चौकी इंचार्ज उत्कर्ष पांडे को एसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, कर्नलगंज थाना क्षेत्र के नकहा बसंत गांव के रहने वाले राजेश पांडे और उनके पुत्र विकास पांडे पर 13 जून को गांव के ही चार दबंगों—संतोष, सचिन, पवन और सत्यम—ने धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया था। इस हमले में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलावस्था में दोनों को लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां कई महीनों तक उनका इलाज चला। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और विवेचना की जिम्मेदारी बालपुर चौकी इंचार्ज उत्कर्ष पांडे को सौंपी गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने मामले में निष्पक्ष जांच न करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। यही नहीं, गिरफ्तारी टालने के एवज में उन्होंने डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत भी ली। दो महीने बीत जाने के बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई, तो फौजी विनीत पांडे (पीड़ित का पुत्र) ने 24 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल से मिलकर पूरे मामले की शिकायत की।
एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय को सौंपी। जांच में चौकी इंचार्ज उत्कर्ष पांडे के खिलाफ रिश्वत लेने और लापरवाही के आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसपी ने तत्काल प्रभाव से दारोगा को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए। वहीं, घटना में नामजद चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कर्नलगंज पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस कार्रवाई के बाद जिलेभर के पुलिसकर्मियों में खलबली मची हुई है। जबकि पीड़ित परिवार ने एसपी के निर्णय पर संतोष जताया है।
Updated on:
30 Oct 2025 10:49 pm
Published on:
30 Oct 2025 10:49 pm
