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‘औरंगजेब को यह देश कभी माफ नहीं करेगा’, नागपुर हिंसा पर सामने आया बृजभूषण शरण सिंह का बयान

महाराष्ट्र के नागपुर में भड़की हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि औरंगजेब को यह देश कभी माफ नहीं करेगा और जो लोग उसका महिमामंडन कर रहे हैं, वे भी गलत कर रहे हैं।

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brij bhushan sharan singh

इस मुद्दे पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए दावा किया कि यह हिंसा पूर्व नियोजित थी और किसी भी हाल में औरंगजेब का महिमामंडन सहन नहीं किया जाएगा।

कैसे भड़की नागपुर में हिंसा?

महाराष्ट्र के नागपुर में हाल ही में औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस विवाद के बाद स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। कुछ संगठनों ने आरोप लगाया कि कुछ कट्टरपंथी तत्व औरंगजेब का महिमामंडन कर रहे हैं, जिससे हिंदू संगठनों में रोष व्याप्त हो गया। इस प्रदर्शन के दौरान अचानक माहौल हिंसक हो गया और पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) का बयान

विहिप ने इस पूरे मामले पर सख्त प्रतिक्रिया दी और इसे पूर्व नियोजित हिंसा करार दिया। संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी हालत में औरंगजेब का महिमामंडन नहीं होने दिया जाएगा और इस तरह की घटनाओं का पुरजोर विरोध होगा। विहिप ने प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

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कई लोग हिरासत में, कई हिस्सों में कर्फ्यू

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह हिंसा पहले से ही योजनाबद्ध लग रही है। पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नागपुर के कुछ संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

बृजभूषण शरण सिंह ने औरंगजेब को लेकर क्या कहा?

बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में औरंगजेब का महिमामंडन किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "औरंगजेब ने भारत के हिंदू समाज पर अत्याचार किए थे। उसने कई मंदिरों को नष्ट किया था और लाखों निर्दोष लोगों की हत्या करवाई थी। ऐसे में जो भी उसका समर्थन करता है, वह देश की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ जाता है।"

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नागपुर में हुई इस हिंसा ने धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दों को हवा दी है। सरकार और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर रहा है। हिंदू संगठनों ने साफ कर दिया है कि वे ऐसे किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो औरंगजेब या अन्य ऐतिहासिक आक्रमणकारियों का समर्थन करता हो। प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों पर सभी की निगाहें टिकी हैं, ताकि आगे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।