
प्रमुख जिलों के व्यंजन की सांकेतिक फोटो तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फोटो सोर्स × अकाउंट
उत्तर प्रदेश अब अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के साथ-साथ खानपान की विविधता के लिए भी नई पहचान बनाने की तैयारी में है। योगी सरकार ने एक जनपद एक व्यंजन (ODOC) योजना के जरिए प्रदेश के 75 जिलों के पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजनों को एक खास पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत सभी जिलों के मशहूर पकवानों की मैपिंग पूरी कर ली गई है।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक जिला एक उत्पाद योजना के बाद अब एक जिला एक व्यंजन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत किस जिले में कौन सा व्यंजन खास है। उसकी पूरी मैपिंग कराई गई है। ब्रज की मिठाइयों से लेकर अवध की कचौड़ी-समोसा संस्कृति, पूर्वांचल के देसी व्यंजन और बुंदेलखंड के पारंपरिक स्वाद को एक साझा मंच दिया जाए। हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद अब हर जिले के खास व्यंजन को ब्रांडिंग और पहचान देने का काम तेज होगा।
इस योजना का सीधा लाभ स्थानीय हलवाइयों, छोटे दुकानदारों, घरेलू उद्यमियों और पारंपरिक खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि स्थानीय व्यंजनों की लोकप्रियता बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। और छोटे कारोबार को मजबूती मिलेगी। फूड टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
सरकार इस पहल को पर्यटन से भी जोड़ने की तैयारी में है। अब किसी जिले की पहचान केवल वहां के ऐतिहासिक स्थलों से नहीं, बल्कि वहां के मशहूर स्वाद से भी होगी। पर्यटक स्थानीय व्यंजनों का अनुभव लेने के लिए भी जिलों का रुख करेंगे। इससे प्रदेश में फूड टूरिज्म को नया बढ़ावा मिलने की संभावना है।
सरकार इन व्यंजनों की बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर भी जोर दे रही है। ताकि उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक छवि मजबूत होने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया सहारा मिलेगा।
Updated on:
07 May 2026 02:45 pm
Published on:
07 May 2026 02:44 pm
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