
गोण्डा. जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप के पीछे एक मासूम को अपनी आंखें खोलने के पहले ही जन्म लेते ही फेंक दी गई। सूचना पर पहुंची मोतीगंज की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बताते चलें जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के दर्जीकुआं-मनकापुर मार्ग पर स्थित दनौवा गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप पर गुरुवार की सुबह करीब 6 बजे एक सफेद रंग की बोलेरो से महिला आयी। बोलेरो चालक तेल भराने लगा और महिला उतरकर पेट्रोल पंप के बने ऑफिस के पीछे चली गई। थोड़ी देर में वापस आ गयी तो पेट्रोल कर्मियों ने समझा था कि महिला बाथरूम गयी होगी, लेकिन थोड़ी देर बाद पेट्रोल पंपकर्मी जब उधर गये तो देखा कि वहां एक शिशु पड़ा हुआ है, जिसके शरीर से नाल भी लटक रहा है। यह देखते ही महिला के ऑफिस के पीछे जाने का माजरा समझ में आ गया।
मौके पर पहुंची पुलिस तो...
पेट्रोल पंप मैनेजर ने मामले की सूचना यूपी डायल 100 को दी। सूचना मिलते ही मोतीगंज थाने की पीआरवी 0878 की टीम के हेड कांस्टेबल फरियाद अहमद, कांस्टेबल विजय यादव व चालक शत्रुघ्न सरोज तत्काल मौके पर पहुंचे। शिशु के शव की सूचना डायल 100 द्वारा मोतीगंज पुलिस को दी गई। इस पर थाने के एसआई मोहम्मद याकूब घटनास्थल पर पहुंचे और शिशु के शव को कब्जे में लेकर पहले जीवित होने का परीक्षण किये, लेकिन शिशु की मृत्यु होने पर पंचनामा भराया। पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
हाल ही में भी फेंका गया था शिशु
बता दें कि अभी पिछले दिनों मोतीगंज थाना क्षेत्र के ललकी पुरवा गांव के पास एक गड्ढे में शिशु को फेंक दिया गया था। पोर्टर गंज के पास व कर्नलगंज क्षेत्र में नवजात शिशु पाये जाने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। क्षेत्र में शिशुओं को जन्म देकर फेंक देने की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं। लोगों का कहना है कि नवजात शिशुओं को निर्दयता पूर्वक फेंकने के पीछे कहीं न कहीं अवैध सम्बंधों के तार जुड़े हुए हैं। उलाहना और सामाजिक रीति रिवाज की बंदिशों के चलते शिशुओं को जन्म लेते ही फेंक दिया जाता है। ताकि कुवारी मां बनने की कलंक न लगने पाये।
Published on:
16 Mar 2018 09:09 am
