6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बड़ी मुश्किल से पहुंचे थे घर, इस वजह से शुरू हुआ मजदूरों का रिवर्स माइग्रेशन

कोरोना वायरस के दस्तक देने के बाद लगे लॉकडाउन में ज़िल्लतें झेलकर घर वापस हुए मजदूर अब (Labourer's Reverse Migration Started In Bihar) (Bihar News) (Gopalganj)...

2 min read
Google source verification
बड़ी मुश्किल से पहुंचे थे घर, इस वजह से शुरू हुआ मजदूरों का रिवर्स माइग्रेशन

बड़ी मुश्किल से पहुंचे थे घर, इस वजह से शुरू हुआ मजदूरों का रिवर्स माइग्रेशन

प्रियरंजन भारती
पटना,गोपालगंज: कोरोना वायरस के दस्तक देने के बाद लगे लॉकडाउन में ज़िल्लतें झेलकर घर वापस हुए मजदूर अब फिर से काम पर लौटने लग गए हैं। रेलवे स्टेशनों पर हर दिन बड़ी संख्या में ट्रेनों से काम पर दूसरे प्रदेशों में जाने वालों की भीड़ इनकी विवशताएं और पेट की आग बुझाने के जतन की सच्चाई बयां कर दे रही है।

यह भी पढ़ें: पत्नी से झगड़ा करने की ससुराल वालों ने दी इतनी बड़ी सजा, रोती रह गईं बूढी मां, नहीं उठा बेटा

फैक्ट्री मालिक बुलाने के साथ दे रहे ऑफर

मजदूरों के वापस लौटने की मजबूरियां हैं। इनके पास काम होगा नहीं तो करेंगे क्या। सीवान,छपरा, गोपालगंज जैसे उत्तर बिहार के इलाकों के मजदूरों को सिकंदराबाद, बंगलूरू,सूरत जैसे औद्योगिक शहरों के फैक्ट्री मालिकों का बुलावा भी आ रहा है। फैक्ट्री मालिक इन्हें आने जाने के भाड़े के साथ लॉकडाउन के बाकी पेमेंट समेत दूसरे अनेक ऑफर भी दे रहे हैं। सीवान से बंगलूरू जा रहे रहमान कहते हैं कि यहां रहकर करेंगे क्या? काम करेंगे तभी तो परिवार की रोटी पानी के खर्च निकलेंगे।

यह भी पढ़ें:मरने के बाद भी Coronavirus ने नहीं छोड़ा पीछा, संक्रमित व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा बवाल

भोजपुर, बक्सर से लौट रहे दिल्ली पंजाब

भोजपुर, आरा, बक्सर, रोहतास जैसे दक्षिण पश्चिमी बिहार के लौटे मजदूर फिर से दिल्ली, पंजाब और हरियाणा का रुख करने पर मजबूर हैं। हरियाणा-पंजाब में धान की बुआई का समय आने वाला है। किसान इन्हें फिर से लौट आने के लिए बार बार कह रहे हैं। आराम स्टेशन पर हिसार जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे राघव राम कहते हैं कि मालिक ने डबल पैसे देने की बात कही है। इसलिए श्रमजीवी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहा हूं। वहां से हिसार चला जाऊंगा। जीने के लिए काम तो करना ही पड़ेगा। गढ़नी के सदानंद प्रसाद दिल्ली जा रहे हैं। कहते हैं, लॉकडाउन के पहले आकर फंस गया था। परिवार वहीं है। ओखला से ग्लास फैक्ट्री के मालिक का बार बार फोन वापस बुलाने के लिए आ रहा है।

यह भी पढ़ें:जब फर्श पर अचानक उभर आए भोलेनाथ!...भक्तों को दिखा चमत्कार

सरकार ने कराई स्किल मैपिंग

राज्य सरकार ने लॉकडाउन में लौटकर आए मजदूरों की बड़े पैमाने पर स्किल मैपिंग कराई है। रोजगार देने के लिए बारह सरकारी विभागों कि टास्क फ़ोर्स गठित किया गया है। मजदूरों को विभिन्न स्तरों पर रोजगार मुहैया कराने की सरकारी तैयारियां की गई हैं। इन मजदूरों को भी इसकी भनक है। मगर खाली बैठे रहना इन्हें रास नहीं आ रहा है। श्रमजीवी एक्सप्रेस से दिल्ली लौटने वाले दुखन साल कहते हैं कि बिहार में अभी चुनाव होने वाले हैं। यह सब चुनावी चक्कर से ज्यादा कुछ नहीं है। सरकार के भरोसे बैठे रहें तो भूखों मरना पड़ जाएगा। यहां काम रहता ही तो दिल्ली पंजाब क्यों जाते।

बिहार की ताजा ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...