गोरखपुर प्रवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज दूसरा दिन है। सुबह लगे जनता दर्शन में लगभग सौ फरियादियों तक पहुंचकर सीएम ने उनकी समस्याओं का निराकरण करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
गोरखपुर शहर के कोतवाली क्षेत्र स्थित पुर्दीलपूर की रहने वाली कक्षा सात की छात्रा पंखुड़ी त्रिपाठी के लिए एक जुलाई का दिन जीवनभर यादगार बन गया। मासूम पंखुड़ी आज जनता दर्शन में मुख्यमंत्री से मिली और नए शैक्षणिक सत्र में मजबूरियों की वजह से फीस न जमा कर पाने की मजबूरी साझा की। सीएम ने काफी देर तक इसकी बातों को सुना और उसका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पढ़ाई की चिंता न करो यह हमारी जिम्मेदारी है।
पंखुड़ी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके पिता दिव्यांग हो जाने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। उसकी मां भी प्राइवेट दुकान पर काम करती हैं और बड़ा भाई इंटरमीडिएट में पढ़ रहा है। उसने कहा कि पैसे की तंगी से उसकी फीस नहीं जमा हो पा रही है।मुख्यमंत्री ने उसकी बातों को गंभीरता से सुना और उसे दिलासा दिया कि या तो उसकी फीस माफ कराई जाएगी या फिर सरकार स्वयं उसका खर्च उठाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी हाल में पंखुड़ी की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा से किसी बच्चे को वंचित नहीं होने दिया जाएगा और अधिकारियों को इस दिशा में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील रवैये ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।
मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद पंखुड़ी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने 'महाराज जी' से एक फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर उसे अपने साथ फोटो लेने का मौका भी दिया। भावविभोर पंखुड़ी ने कहा, महाराज जी जैसा कोई नहीं। उन्होंने मेरी बात सुनी और मेरे लिए खड़े हो गए।
गोरखपुर प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में जनता दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग सौ लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों का शीघ्र और प्रभावी समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जन समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।