
उत्तर प्रदेश बैंकिंग क्षेत्र में एक नई इबारत लिखने जा रहा है। यूपी में देश का सबसे बड़ा ग्रामीण बैंक अस्तित्व में आने जा रहा है। प्रदेश के तीन बड़े ग्रामीण बैंकों का विलय कर एक बड़े नेटवर्क वाले बैंक को साकार किया जा रहा है। केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद पूर्वांचल बैंक (Purvanchal Bank), काशी-गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक (Kashi-Gomti sanyukt gramin Bank) और बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक (Baroda Uttar Pradesh Gramin Bank) का विलय होने के साथ बड़ौदा यूपी बैंक ( Baroda UP Bank) काम करने लगेगा। इस बैंक का मुख्यालय गोरखपुर ( Gorakhpur) में होगा। इस बैंक की 2050 शाखाएं काम करेंगी।
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बड़ौदा यूपी बैंक इस तरह लेगा आकार
उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल बैंक की करीब 600 शाखाएं वर्तमान में हैं। इसी तरह काशी-गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक की 478 शाखाएं कार्यरत हैं। जबकि बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की पूरे प्रदेश में 972 ब्रांच है। केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के बाद अब इन तीनों बैंकों का विलय प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इन तीनों बैंकों के विलय के बाद प्रदेश में बड़ौदा यूपी बैंक अस्तित्व में आ जाएगा। इसकी 2050 शाखाएं सूबे में होंगी जो देश की सबसे बड़ी ग्रामीण बैंक मानी जाएगी।
प्रदेश के 31 जिलों में होंगी शाखाएं, नए ब्रांच भी खुलेंगे
अस्तित्व में आने वाला बड़ौदा यूपी बैंक की 2050 शाखाएं काम करेंगी। फिलहाल यह प्रदेश के 31 जिलों में काम करेगा।
इन जिलों में होगी नए बैंक की शाखाएं
गोरखपुर,देवरिया, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, वाराणसी, इलाहाबाद, अंबेडकरनगर, अमेठी, औरैया, आजमगढ़, बलिया, बरेली, भदोही, चंदौली, इटावा, फैजाबाद, फतेहपुर, गाजीपुर, जौनपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी, मऊ, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, शाहजहांपुर, सुल्तानपुर।
Updated on:
13 Dec 2019 02:23 pm
Published on:
13 Dec 2019 02:23 pm
