
बीजेपी सांसद बोले, राहुल गांधी की चिट्ठी मिलने के बाद डाॅ.कफील की राजनैतिक महत्वाकांक्षा है जागी
डाॅ.कफील खान के आरोपों को बीजेपी के सांसद कमलेश पासवान ने सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनैतिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि छह महीने बाद चुनाव है। कुछ दिन पहले ही डाॅ.कफील खान को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का समर्थन पत्र मिला है। इसके बाद डाॅ.कफील राजनैतिक बयानबाजी करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि पांच दिन बाद अचानक से वह कैसे जान गए कि हमला किसने कराया है। उन्होंने कहा कि दो-तीन दिन बाद जब इस केस का जब पुलिस पर्दाफाश कर देगी तो वह मानहानि का दावा करेंगे।
गोरखपुर में पत्रकारों से रूबरू बीजेपी सांसद ने कहा कि जिस दिन हमला हुआ उस दिन डाॅ.कफील के भाई कासिफ आराम से हास्पीटल गए। पुलिस को बुलाया, मीडिया को बुलाए, अपने पैरों पर चलकर हास्पीटल तक गए तबतक उनको पता नहीं था कि किसने गोली चलवायी। वह किसी का नाम नहीं लेते हैं, अब अचानक से मेरा नाम अचानक से क्यों घिसटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कफील कहते हैं कि यह जमीन उनकी नहीं है। जमीन उनके चाचा की है। परिवार साथ नहीं रहता, भाई तक साथ नहीं रहते। ऐसे में वह दूसरे की जमीन की लड़ाई क्यों लड़ रहे। यह राजनैतिक साजिश नहीं तो और क्या है। सांसद ने पुलिस पर भरोसा जताते हुए कहा कि जल्द ही सब साफ हो जाएगा।
बता दें कि एक सप्ताह पूर्व डाॅ.कफील अहमद खान के भाई कासिफ को कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोरखनाथ क्षेत्र में गोली मार दी थी। देर रात में हुए इस हमले में कासिफ को तीन गोलियां लगी थी। इस प्रकरण में पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है। परिवारीजन भी इस मामले में कुछ कहने से परहेज कर रहे थे। वह लगातार हमला की वजहों और इससे जुड़े लोगों के बारे में अनजान बता रहे थे। लेकिन रविवार को अचानक से डाॅ.कफील खान ने प्रेसवार्ता कर बीजेपी के बांसगांव से सांसद कमलेश पासवान और उनके बिजनेस के साथी सतीश नांगलिया आदि पर इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने इस प्रकरण को प्रापर्टी के विवाद से जोड़कर यूपी सरकार को भी कटघरे में खड़ा कर दिया। इसके बाद देर शाम को बीजेपी के सांसद ने पत्रकारों से मुखातिब होकर अपना पक्ष रखा।
Published on:
18 Jun 2018 08:08 am
