
गोरखपुर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को निर्देशित किया है कि शहर की सीमाओं पर सात भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएं। ये प्रवेश द्वार नाथ पंथ की दिव्यता और गोरखपुर की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगे। इस मांग पत्र को सांसद रवि किशन शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा था, जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इस पर सांसद रवि किशन शुक्ला ने मुख्यमंत्री जी को आभार प्रकट किया।
यह केवल भौतिक विकास नहीं है, बल्कि गोरखपुर की आत्मा, उसकी पहचान और नाथ परंपरा की दिव्यता का सम्मान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने गोरखपुर के प्रति अपने विशेष स्नेह और दृष्टिकोण को फिर एक बार प्रमाणित किया है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से गौरव और गोरखपुर वासियों के लिए गर्व का विषय है कि मेरे सुझाव को इतना सम्मान और संवेदनशीलता मिली।
मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार ये सात प्रवेश द्वार देवारीया, वाराणसी, महाराजगंज, सोनौली, कुशीनगर, लखनऊ और पिपराइच मार्ग पर बनाए जाएंगे। प्रत्येक द्वार पर गुरु गोरक्षनाथ एवं अन्य सिद्ध योगियों की आकृतियां तथा उनके संदेश अंकित किए जाएंगे, जिससे गोरखपुर की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को एक नया आयाम मिलेगा। यह निर्णय न केवल गोरखपुर की शहरी संरचना को संवारेगा, बल्कि इसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी सशक्त बनाएगा, जिससे नगरवासी और पर्यटक दोनों को गर्व महसूस होगा।
Published on:
28 May 2025 02:46 pm
