
GST की वसूली से सुसाइड करने पर मजबूर हुआ गोरखपुर का व्यापारी, GST अफसरों की करतूत कैमरे में हुई कैद
महानगर के लोटस वैली रिजार्ट पर 30 घंटे चली जीएसटी रेड के मामले में नया मोड़ सामने आया है। एक ओर जहां रिजार्ट संचालक के उत्पीड़न और वसूली के आरोपों को खारिज करते हुए जीएसटी अफसरों ने रिजार्ट संचालक पर चिलुआताल थाने में केस दर्ज कराया है।
वहीं, दूसरी ओर संचालक अवधेश पांडेय ने न सिर्फ सामने आकर छापामारी करने पहुंची टीम पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाते हुए सुसाइड करने की चेतावनी दी है। बल्कि उन्होंने छापामारी का सीसीटीवी फुटेज भी सार्वजनिक किया है।
CCTV कैमरों में फुटेज के साथ बातें भी रिकार्ड
जिसमें जीएसटी अफसरों की फुटेज के साथ उनकी बातें भी रिकार्ड हुई हैं। जिसमें छापामारी करने पहुंची जीएसटी टीम के अफसर कभी सेंट्रल जीएसटी के अफसरों को गालियां दे रहे हैं तो कभी यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि हम जैसे चाहेंगे, वैसे रूपया जमा करा लेंगे।
अफसर अपने साथियों से कह रहे हैं, आप लोग सिर्फ धैर्य रखिए। रूपये जमा नहीं कराने हैं। हम सब कर लेंगे। कैसे हड़काना है, कहां हड़काना है...वो अभी रो देगा। इतना ही नहीं, जीएसटी अफसर फोन पर किसी से बात करते हुए यह भी कहते हुए नजर आ रहे हैं कि आप बताइए, पैसा जमा करा लें इसमें? जितना बताइए, उतना जमा हो जाएगा।
सीएम योगी के सामने खोंलूंगा अफसरों का काला चिट्ठा
वहीं, लोट्स वैली रिजार्ट के संचालक अवधेश पांडेय ने 30 घंटेे चली इस रेड के कुछ सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करते हुए कहा है, ‘‘अभी तो यह सिर्फ कुछ फुटेज सामने किए गए हैं। लेकिन, अगर पूरी रेड के फुटेज सामने कर दिए जाएं तो जीएसटी विभाग के अफसरों के सारे काले चिट्ठे खुलकर सामने आ जाएंगे।
लेकिन, मैं उन्हें अभी सार्वजनिक नहीं करूंगा। बल्कि मैं जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें पूरे फुटेज दूंगा और बताउंगा कि उनके गृह जनपद गोरखपुर में जीएसटी के नाम पर किस तरह से व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।‘‘
इंसाफ नहीं मिला तो पूरे परिवार संग दे दूंगा जान
संचालक अवधेश पांडेय ने कहा, 23 जनवरी की दोपहर 2.30 के करीब 15-17 अफसर मेरे रिजार्ट पर पहुंचकर ऐसा भय का माहौल बनाते हैं, जैसे वे टैक्स चोरी चेक करने नहीं बल्कि किसी आतंकवादी को पकड़ने आए हैं।
मेरे स्टाॅफ से अफसरों ने कहा, आप 18 लाख रूपया दीजिए तो मामला सब मैनेज हो जाएगा। मैं जो भी नियमानुसार टैक्स बनता है, वो लगातार जमा करता हूं तो किस बात के लिए मैं इतने पैसे दूंगा।
मैंने 18 लाख रूपया देने से इंकार कर दिया तो इसके बाद 30 घंटे तक बिना किसी सर्च वारंट के जीएसटी अफसर मेरे रिजार्ट पर चेकिंग करते रहे। रात होने पर वे सभी यहीं सो गए। लेकिन, उन्होंने सर्च वारंट की काॅपी नहीं दिखाई। रेड के बाद बैक डेट में टीम ने सर्च वारंट जारी कर दिया। जबकि, सर्च वारंट आनलाइन जारी होता है।
जीएसटी अफसर कर रहे उत्पीड़न
सीएम योगी जहां गोरखपुर को एक बिजनेस हब बनाकर उबारने में दिन-रात लगे हैं। वहीं, जीएसटी विभाग के अफसर सरकार को बदनाम करने के लिए व्यापारियों में भय पैदा कर रहे हैं। मैंने गोरखपुर के विकास को देखने हुए यहां एक रिजार्ट खोला।
200 लोगों को रोजगार दिया। लेकिन, मेरा खुद एक साल से उत्पीड़न किया जा रहा है। मेरे खिलाफ झूठे केस दर्ज कराए जा रहे हैं। मैं लगातार इंसाफ के लिए लड़ रहा हूं। बावजूद इसके अगर मेरी बात सुनी नहीं गई तो मैं अपने पूरे परिवार संग आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाउंगा।
Published on:
28 Jan 2024 11:29 pm
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