
गोरखपुर में खाद्य विभाग की छापेमारी से उस समय हड़कंप मच गया जब नकली जीरे से लदी पिकअप पकड़ी गई है। यह जीरा दिल्ली से मंगाया गया था, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इसके सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा है। अधिकारियों ने चौंकाने वाला सच बताया कि यह नकली जीरा फूल झाड़ू को पीसकर सूजी और पत्थर का डस्ट मिलाकर तैयार किया जाता है। नकली जीरा भी बिल्कुल असल जीरा जैसा ही दिखता है। टीम ने नकली जीरा सीज कर दिया। खाद्य विभाग दिल्ली की कंपनी को भी पार्टी बनाकर मुकदमा दर्ज कराएगी। गोरखपुर की माहेश्वरी किराना को भी पार्टी बनाया जाएगा।
बुधवार की रात किराना मंडी साहबगंज में खाद्य विभाग की टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक पिकअप जिस पर लगभग छह क्विंटल जीरा लदा था उसे रोका गया। उस पर जीरा लदा था। सहायक आयुक्त खाद्य डॉ सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि जब ड्राइवर से पूछा गया कि क्या है, उसने बोला जीरा है और कीमत डेढ़ सौ रुपया बताया। इतना कम कीमत सुनते ही शंका हुआ और चेकिंग की गई। जीरे को पानी में डालते ही पानी मटमैला हो गया और लकड़ी के छोटे छोटे बुरादे तैरने लगे। यह देख मालूम चला कि गाड़ी में लदा जीरा नकली है।पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि पकड़ा गया जीरा दिल्ली के बालाजी ट्रेडिंग कंपनी के नाम से भेजा गया था। इसे साहबगंज मंडी स्थित माहेश्वरी किराना ले जाया जा रहा था। अधिकारियों के कई बार बुलाने के बाद भी माहेश्वरी किराना से कोई नहीं पहुंचा।
खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि हार्बर्ट बांध के पास एक पिकअप में छह क्विंटल जीरा जब्त किया गया है। यह दिल्ली से आ रहा था। होली में मिलावटी खाद्य पदार्थों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है
Published on:
06 Mar 2025 07:43 pm
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