
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा व्यवहारिक धरातल पर देश व समाज के लिए दिखनी चाहिए। जीवन पलायन के लिए नहीं बल्कि चुनौतियों से जूझने के लिए होता है। व्यक्ति के जीवन में संतुलन होना चाहिए।
मुख्यमंत्री गोरखपुर के सोनबरसा बरही के प्रताप नारायण सिंह जनता इण्टर काॅलेज परिसर में स्व. बाबू प्रताप नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परम्परा है कि जिसने हमारे प्रति कुछ योगदान किया है उसके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया जाये और आज विद्यालय प्रबंधन ने प्रतिमा का अनावरण कराकर एक सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय मनीषियों ने शिक्षा पर जोर दिया था। दुनिया में भारत एक ऐसा देश है जहां पूर्व में भी युवा पीढ़ी को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पारंगत करने के लिए शिक्षा एवं दीक्षा दी जाती थी। इस क्षेत्र में शैक्षिक पुनर्जागरण को आगे बढ़ाने का कार्य विद्यालय प्रबंधन कर रहा है तथा उत्तम वातावरण देने का प्रयास हो रहा है।
उन्होंने कहा कि स्व.प्रताप नारायण सिंह ने इस क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाना दुरूह कार्य था जहां पूर्व में कोई तटबन्द नहीं था, बाढ़ की विभिषिका से यह क्षेत्र जंग लड़ता था। उस काल खण्ड में भी इस क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाने के लिए स्व.सिंह ने विद्यालय की स्थापना कर एक पुण्य कार्य किया।
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की मांग पर विद्यालय में सभागार बनवाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर सांसद कमलेश पासवान, विधायक संगीता यादव, एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह, धु्रव कुमार त्रिपाठी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चैधरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डाॅ. धर्मेन्द्र सिंह, प्रो. प्रभाशंकर पाण्डेय, मण्डलायुक्त अमित गुप्ता, एसएसपी शलभ माथुर, सीडीओ/प्रभारी डीएम अनुज सिंह, प्रबंधक शिवेन्द्र विक्रम सिंह मौजूद रहे।