
CM Yogi
गोरखपुर. बात जब प्रदेश के विकास व उसके प्रति जिम्मेदारी की आती है तो सीएम योगी नजीर पेश करने से पीछे नहीं हटते। पहले उन्होंने अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल न होकर कोरोना का संकट झेल रहे प्रदेश की जनता को तरजीह दी, तो वहीं अब गोरखुपर में बन रहे फोर लेन के निर्माण में आड़े आ रहे अपने गोरखनाथ मंदिर की दीवार को ढहा दिया। आपको बता दें कि गोरखनाथ मंदिर उस नाथपंथ का मुख्यालय है जिससे सीएम योगी का ताल्लुक है। वह गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर भी हैं। यूपी के प्रमुख मंदिरों में इसकी गिनती होती है व कोरोड़ों लोग इसमें आस्था रखते हैं। ऐसे में मंदिर की दीवार को गिराना उनके लिए आसान फैसला नहीं होगा, लेकिन सीएम का मानना है कि प्रदेश की जनता की सेवा ज्यादा महत्वपूर्ण है न कि वह खुद।
लोगों में पहुंचा संदेश-
मंदिर की दीवार गिरवाकर सीएम ने उन लोगों के सामने नजीर पेश की है, जिनको आगे चलकर गोरखपुर फोरलेन के रास्ते में आने अपने मकान व दुकान का ध्वस्तीकरण करवाना पड़ सकता है। निर्माण कार्य के दौरान बीच में पड़ने वाले दुकान व मकान के ध्वस्त होने से गोरखनाथ मंदिर, धर्मशाला, मोहद्दीपुर, कूड़ाघाट और नंदानगर होते हुए एयरपोर्ट तक का आना-जाना आसान हो जाएगा।
पिता की मृत्यु पर हुए भावुक-
हाल में पिता की मृत्यु पर उनके अंतिम संस्कार में शामिल न होने का सीएम योगी को मलाल तो है, लेकिन वह कहते हैं उन्हें भाजपा से संस्कार मिले हैं। पिता की मृत्यु पर मेरी नैतिक ज़िम्मेदारी थी, लेकिन देश सबसे पहले है। हमारे लिए व्यक्ति से महत्वपूर्ण पार्टी और पार्टी से बड़ा देश है। मेरे लिए बड़ी विपत्ति थी। लेकिन हमारे लिए वही ज़रूरी था।
Published on:
22 May 2020 07:13 pm
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