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पूर्व पार्षद से साइबर ठगों ने ठगे 8.50 लाख, पैसे निकालने की बात कर ठगों ने तोड़ा संपर्क

गोरखपुर में साइबर ठगी के शिकार एक पूर्व पार्षद हो गए हैं। ठगों ने ऑनलाइन रकम दोगुना करने का लालच देकर उनसे लाखों की रकम ऐंठ ली, जब पीड़ित ने रकम लौटाने की बात को ठगों ने संपर्क तोड़ लिया

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Up news, gorakhpur

फ़ोटो सोर्स: सोशल मीडिया, साइबर ठगी

गोरखपुर में एक पूर्व पार्षद को साइबर ठगों ने झांसे में लेकर लाखों रुपए ठग लिए, रकम के दोगुना होने के लालच पर पीड़ित ठगी का शिकार हो गए। जानकारी के मुताबिक गोरखनाथ इलाके के पूर्व पार्षद जनार्दन चौधरी के साथ जालसाजों ने 8.50 लाख की साइबर जालसाजी कर दी।

ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए दूना लाभ कमाने का लालच देकर पूर्व पार्षद से रकम जमा कराई। इसके बाद पूर्व पार्षद का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। जब काफी दिन तक कोई संपर्क नहीं हुआ तब पीड़ित को ठगे जाने का एहसास हुआ और उन्होंने गोरखनाथ थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

व्हाट्सएप पर आया मेसेज, पीड़ित ने बनाया अपना अकाउंट

गोरखनाथ थाना क्षेत्र के विकास नगर कालोनी निवासी जनार्दन चौधरी ने तहरीर देकर बताया कि 8 मार्च 2026 को उनके व्हाट्सएप पर एक अंजान मोबाइल नंबर से मैसेज आया। जिसमे ऑनलाइन ट्रेडिंग से दूना लाभ कमाने के बारे में बताया गया था। इसके बाद मुझे dupoinus.com और उसके मोबाइल पैनल m.dupoinus.com पर खाता बनाने के लिए कहा गया।इसके बाद ऑनलाइन ट्रेडिंग के बारे में मुझे विस्तार से बताया गया।

पैसे निकालने की बात पर जालसाजों ने संपर्क तोड़ा

ग्रुप के मेंबर के कहने पर अलग-अलग दिनों में कई बार में मुझसे कुल 8.50 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद जब जमा पैसे निकालने का प्रयास किया तो भुगतान करने से मना कर दिया गया। इसके अलावा और पैसा जमा करने का दबाव बनाया जाने लगा। कंपनी के लोग कहे कि और पैसे जमा करेंगे, तभी आपका भुगतान हो पाएगा। पूर्व पार्षद ने जब कई बार अपना भुगतान कराने का दबाव बनाया तो जालसाजों ने संपर्क तोड़ दिया।
जालसाजी का मुकदमा दर्ज

पूर्व पार्षद ने कई डॉक्यूमेंट पुलिस को सबूत के रूप में दिया है। जिसके आधार पर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इस मामले की जांच गोरखनाथ थाने के निरीक्षक उमेश कुमार सिंह को सौंपी गई है। इंस्पेक्टर गोरखनाथ विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू का दी गई है।