2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डॉ. कफील खान यूपी के हिस्ट्रीशीटर, गोरखपुर के राजघाट थाने में खुली हिस्ट्रीशीट

ऑक्सीजन कांड से चर्चा में आए कफील खान Dr Kafeel Khan Now History Sheeter सीएए एनआरसी प्रदर्शनों का हिस्सा बनने पर भेजे गए थे जेल हाईकोर्ट के आदेश के बाद हटा एनएसए

2 min read
Google source verification
Dr Kafeel Khan

Dr Kafeel Khan

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

गोरखपुर. हाल ही में हाई कोर्ट के आदेश पर जेल से छूटे एनएसए में पाबंद के डॉ. कफील खान अब गोरखपुर के राजघाट थाने के हिस्ट्रीशीटर (Dr Kafeel Khan Now History Sheeter) बन गए हैं। गोरखपुर पुलसि ने जिन 81 नए बदमाशों और दबंगों कही हिस्ट्रीशीटर खोली है उनमें ऑक्सीजन कांड से चर्चा में आए डॉ. कफील खान का भी नाम है। अब पुलसि की उनकी नगिरानी एक हिस्ट्रीशीटर की तरह करेगी। गोरखपुर एसएसपी के मुताबिक गोरखपुर में अब तक हिस्ट्रीशीटरों की संख्या करीब 1462 है और आने वाले दिनों में यह और बढ़ेगी।

बताते चलें क डॉ. कफील खान साल 2017 में गोरखपुर के राजकीय बाबा राघव दास मेडिकल काॅलेज में दो दिनों के अंदर 30 से अधिक बच्चों की मौत के बाद चर्च में आए थे। घटना के वक्त कफील खान एईएस वार्ड के नोडल अधिकारी थे और उन्हें ऑक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत के मामले में आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया था। उन्हें बर्खास्त भी किया गया था, और उस मामले में उन्हें महीनों जेल में भी रहना पड़ा था। इस मामले में उन्हें अप्रैल 2018 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।

डॉ. कफील खान सीएए एनआरसी के खिलाफ हुए देशव्यापी आंदोलनों बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के दौरान मंच भी साझा किया था। इसी दौरान अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी में ऐसे ही एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके द्वारा दिये गए भाषणों को भड़काऊ मानते हुए उन्हें 29 जनवरी को यूपी एटीएस द्वारा मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया और अलीगढ़ के डीएम की रिपोर्ट पर उनके खिलाफ एनएसए लगा दिया गया। अलीगढ़ सीजेएम कोर्ट ने डॉ. कफील खान को जमानत दे दी थी, लेकिन उनकी रिहाई के ठीक पहले उन पर एनएसए लगा दिया गया।

डाॅ. कफील खान को जेल में डालने के बाद सरकार ने उन पर एनएसए लगा दिया। इसके बाद उनके खिलाफ तीन बार एनएसए की अवधि एडवाइजरी बोर्ड की सिफारिश पर बढ़ायी गई। इस मामले में एडवाइजरी बोर्ड का तर्क था कि कफील खान को एनएसए के तहत जेल में रखने के लिये पर्याप्त कारण मौजूद हैं। उनकी मां नुजहत परवीन की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर फैसला सुनाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश दिया, जिसके बाद वह कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में रह रहे हैं।


बड़ी खबरें

View All

गोरखपुर

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग