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12 घंटे तक चला पूर्व मंत्री स्वर्गीय हरिशंकर तिवारी के घर पर ED का छापा , बाहर से कारीगर बुलवाकर खुलवाया गया लॉकर का ताला

समूह के मुख्य प्रवर्तक विनय शंकर तिवारी, रीता, तिवारी और अजीत पांडे हैं। यह बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के एक संघ द्वारा लगभग 750 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी है। यह धोखाधड़ी 2012 से 2016 की अवधि से संबंधित है।

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12 घंटे तक चला पूर्व मंत्री स्वर्गीय हरिशंकर तिवारी के घर पर ED का छापा ,  बाहर से कारीगर बुलवाकर खुलवाया गया लॉकर का ताला

12 घंटे तक चला पूर्व मंत्री स्वर्गीय हरिशंकर तिवारी के घर पर ED का छापा , बाहर से कारीगर बुलवाकर खुलवाया गया लॉकर का ताला

दिल्ली और लखनऊ प्रवर्तन दल की टीम 5 गाड़ियों से आई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम सुबह 6 बजे से जिले में धर्मशाला बाजार स्थित पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी के घर पर छापेमारी कर रही है। पूर्व मंत्री के बेटे विधायक विनय शंकर तिवारी पर प्रवर्तन निदेशालय मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया हुआ है। नवंबर 2023 में ईडी ने गोरखपुर और महारागंज में तिवारी परिवार की 72 करोड़ की संपत्ति भी जब्त की थी।

750 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी

वहीं, सूत्रों ने बताया कि ईडी के लखनऊ जोन के अधिकारी गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड से संबंधित बैंक धोखाधड़ी के मामले में पीएमएलए की धारा 17 के तहत तलाशी लेने गोरखपुर घर पर पहुंचे हैं। कंपनी सड़कों के निर्माण, टोल प्लाजा के संचालन और सरकारी अनुबंधों में काम करती है।

समूह के मुख्य प्रवर्तक विनय शंकर तिवारी, रीता, तिवारी और अजीत पांडे हैं। यह बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के एक संघ द्वारा लगभग 750 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी है। यह धोखाधड़ी 2012 से 2016 की अवधि से संबंधित है।

लखनऊ नंबर की गाड़ियों से आई थी ED टीम

ईडी के छापे की कार्रवाई की खबर सुनते ही समर्थक जुटने लगे। हालांकि, अंदर किसी से संपर्क करने की अनुमति किसी को नहीं है। सभी को फोन भी ईडी टीम ने जब्त कर लिए हैं। हाते की अंदर सिर्फ पूर्व मंत्री के बड़े बेटे पूर्व सांसद कुशल त्रिपाठी हैं और परिजन हैं। छोटे बेटे पूर्व विधायक विनय त्रिपाठी लखनऊ स्थित आवास पर हैं।धर्मशाला स्थित तिवारी के हाते के बाहर लखनऊ नंबर की गाड़ियां खड़ी हैं। अंदेशा जताया जा कि इन्हीं गाड़ियों से ईडी की टीम सुबह परिसर पर छापा मारने आई थी।

बाहर से बुलवाकर खुलवाया ताला

सूत्रों ने बताया कि ईडी ने जांच के दौरान घर में रखी आलमारी को खोलने के लिए कहा। परिवार की तरफ से आलमारी खोले जाने के लिए चाभी नहीं दी जा सकी। इसपर ईडी की टीम ने बाहर से तोला खोलने के लिए कारीगर को बुलवाया। काफी मशक्कत के बाद ताला खोल कर वापस बाहर भेज दिया गया।