
विश्व में सिर्फ हिन्दू धर्म की धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशक गीता प्रेस गोरखपुर ने 100वें वर्ष में किया प्रवेश, मना रहा शताब्दी वर्ष
यूपी ही नहीं देश के अधिकतर हिंदू घरों में रामचरितमानस और भगवद्गीता होगी। निश्चित रुप से इनका प्रकाशक गीता प्रेस होगा। विश्व में सिर्फ हिन्दू धर्म की धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन करने वाला गीता प्रेस एकमात्र प्रकाशक है। आज 14 मई को गीता प्रेस अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस खुशी में गीता प्रेस वर्ष 2022 को शताब्दी वर्ष के रूप में मना रहा है। गीता प्रेस शताब्दी वर्ष पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजस्थान के चुरु, रतनगढ़, कोलकाता, बेंगलुरु में भी अलग-अलग समय पर कार्यक्रम होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जून के पहले सप्ताह में गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह का विधिवत शुभारंभ करेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को निमंत्रण भेज दिया गया है। पर अभी तिथि तय नहीं हुई है। तीन दिसंबर को गीता जयंती है।
गीता प्रेस गोरखपुर में सांकेतिक शुभारंभ
गीता प्रेस गोरखपुर के मैनेजर लालमनि त्रिपाठी ने बताया कि, 14 मई शनिवार को गीता प्रेस में शताब्दी वर्ष के सांकेतिक शुभारंभ के अवसर पर लीला चित्रा मंदिर में गणेश पूजन, गीता पाठ और भगवन्नाम संकीर्तन का पाठ सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक किया गया। इसके साथ चुरू, रतनगढ़, कोलकाता, बेंगलुरू में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जून महीने के पहले सप्ताह आ सकते हैं राष्ट्रपति
गीता प्रेस ट्रस्टी देवी दयाल अग्रवाल ने कहाकि, राष्ट्रपति जून महीने के पहले सप्ताह में गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष का विधिवत शुभारंभ करने के लिए गीता प्रेस गोरखपुर आएंगे, ऐसे संकेत मिले हैं। आने की तिथि अभी तय नहीं हुई है।
3 मई को सौ साल का हो जाएगा गीता प्रेस
गीता प्रेस की स्थापना गोरखपुर में 29 अप्रैल 1923 को हुई थी। 29 अप्रैल वर्ष 1923 को हिंदू पंचांग के अनुसार, संवत 1980 को बैशाख शुक्ल त्रयोदशी तिथि थी। इस वर्ष बैशाख शुक्ल त्रयोदशी तिथि 14 मई है। इस दिन गीता प्रेस अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, 3 मई 2023 को गीता प्रेस के 100 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इसके संस्थापक महान गीता-मर्मज्ञ जयदयाल गोयन्दका थे। गीता प्रेस का संचालन कोलकाता स्थित ‘गोबिन्द भवन’ करता है।
15 भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित
गीता प्रेस अब तक 45.45 करोड़ प्रतियों का प्रकाशन कर चुका है। इनमें 8.10 करोड़ भगवद्गीता और 7.5 करोड़ रामचरित मानस की प्रतियां हैं। गीता प्रेस में प्रकाशित महिला और बालोपयोगी साहित्य की 10.30 करोड़ प्रतियों पुस्तकों की बिक्री हो चुकी है। गीताप्रेस में कुल 15 भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित होेती हैं।
गीता भवन में समारोह शुरू
ऋषिकेष स्थित गीता भवन में स्थापना दिवस समारोह शुरू हो गया है। वहां हर वर्ष करीब डेढ़ महीने तक स्थापना दिवस पर कार्यक्रम चलता है।
Updated on:
14 May 2022 03:09 pm
Published on:
14 May 2022 03:09 pm
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