
गोरखपुर में पुलिस अब अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस के मूड में है। इसके अंतर्गत गिरफ्तारी तक ही नहीं बल्कि उन्हें सजा के अंजाम तक पहूंचाने के लिए SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने जिले के सभी थानों में सब इंस्पेक्टर (अभियोजन) पोस्ट बनाया है। गुरुवार को पुलिस लाइन सभागार में सभी थानों के उपनिरीक्षक अभियोजन को उनके काम का प्रशिक्षण दिया गया।
सब इंस्पेक्टर ( अभियोजन) का काम अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास का विवरण रखना, जमानत प्रार्थना पत्र पर सटीक आख्या तैयार करना होगा। पुलिस की ओर से पैरवी करने वाले अभियोजन विभाग को भी इससे राहत मिलेगी। उपनिरीक्षक अभियोजन के पास ही कोर्ट में भेजी जाने वाली हर आख्या की जिम्मेदारी होगी। उन्हें ही आख्या तैयार करनी होगी। उन्हीं द्वारा अग्रसारित कर समय से उसे कोर्ट में भेजना होगा। यदि कोई आख्या अधूरी रही या समय से कोर्ट नहीं पहुंची तो उसके लिए वे ही जिम्मेदार होंगे।
सब इंस्पेक्टर अभियोजन को उनके काम के बारे में प्रशिक्षित किया गया। थाने के विवेचकों से आख्या प्राप्त कर उसे कैसे तैयार करेंगे इसकी जानकारी दी गई। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह, अभियोजन अधिकारी प्रत्युष दुबे, दिलीप कुमार सिंह व अमित कुमार शर्मा ने विस्तार से जानकारी दी।
एसपी साउथ जितेंद्र कुमार तोमर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। किसी आख्या में कोई कमी मिलेगी तो उसके लिए थाना प्रभारी या विवेचक नहीं बल्कि उप निरीक्षक अभियोजन जिम्मेदार होंगे। नोडल अधिकारी के साथ डिप्टी एसपी प्रशाली गंगवार इसकी निगरानी करेंगी। प्रशिक्षण के दौरान एसपी साउथ जितेंद्र कुमार तोमर व डिप्टी एसपी प्रशाली गंगवार भी उपस्थित रहीं।
Published on:
14 Feb 2025 08:19 am
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