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Amarmani Tripathi son’s profile : पिता , प्रेमिका कि हत्या में तो बेटा अमनमणि भी पहली पत्नी के मर्डर में जा चुका है जेल

हाई प्रोफाइल परिवार से ताल्लुक रखने वाली सारा सिंह लखनऊ में ही रहती थी। यही पर अमनमणि त्रिपाठी और सारा सिंह की मुलाकात हुई थी। धीरे-धीरे दोनो में संबंध गहरे होने लगे। अमन और सारा के बीच चल रही इस कहानी पर अमरमणि और अन्य सदस्य काफी रूष्ट थे, बावजूद इसके अमन ने घरवालों की मर्जी के खिलाफ सारा से जुलाई 2013 में लखनऊ के अलीगंज स्थित एक आर्यसमाज मंदिर में शादी कर ली।

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Gorakhpur News

Amarmani Tripathi son's profile : पिता , प्रेमिका कि हत्या में तो बेटा अमनमणि भी पहली पत्नी के मर्डर में जा चुका है जेल

GorakhpurNews : हाईप्रोफाइल कवियित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के आरोप में अपने समय के प्रभावशाली पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि की 20 साल की सजा काटने के बाद जेल से रिहाई हो गई हैं।यह अलग बात है की त्रिपाठी दंपत्ति अपने रसूख से एक तरह से पूरी सजा तथाकथित बीमार होने की वजह से मेडिकल कालेज में भर्ती होकर ही काटे। इस दौरान अमरमणि त्रिपाठी बस्ती जिले में चल रहे अपहरण के केस में भी पिछले 22 वर्षों से हाजिर न हुए। इस पर बस्ती कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए गोरखपुर CMO को एक बोर्ड बनाकर अमरमणि त्रिपाठी के स्वास्थ्य जांच की रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया।

सोमवार को बोर्ड के सामने पेश होने से कन्नी काट गए अमरमणि

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती अमरमणि सीएमओ की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने से कन्नी काट रहे हैं। सोमवार को सीएमओ ने इसकी सूचना कोर्ट को भेज दी।सोमवार को पांच डॉक्टरों की टीम करीब एक घंटे तक पूर्व मंत्री का सीएमओ कार्यालय में सेहत की जांच के लिए इंतजार करती रही। अमरमणि बोर्ड के सामने नहीं आए। इसकी सूचना सीएमओ ने बस्ती में अदालत को भेज दी है। दरअसल, बस्ती में अपहरण के एक मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने अमरमणि को तलब किया था। खराब सेहत का हवाला देकर वह अदालत में पेश नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने सीएमओ गोरखपुर से अमरमणि की सेहत की जांच मेडिकल बोर्ड से करने का निर्देश दिया।

बनी है पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड, बीआरडी और जेल को भेजी गई थी सूचना

सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि इस मामले में पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड बना हुआ है। जिसकी अध्यक्षता वह स्वयं कर रहे हैं। उनके अलावा जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. ओपी सिंह, फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके गुप्ता और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सारंगपाणी सदस्य के तौर पर शामिल हैं।सीएमओ ने बताया कि मेडिकल बोर्ड गठित होने और बोर्ड के सामने अमरमणि को प्रस्तुत करने के लिए जेल प्रशासन और बीआरडी मेडिकल कॉलेज को सूचना दी गई थी। जब यह सूचना जारी की गई थी, तब आधिकारिक तौर पर यह नहीं पता था कि अमरमणि की रिहाई हो गई है।

पिता, प्रेमिका की तो बेटा, पत्नी की हत्या में काट चुका जेल

अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि त्रिपाठी भी पहली पत्नी के मर्डर केस में जेल जा चुके हैं।अमरमणि के बाद उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी 2017 के विधानसभा चुनाव में पहली बार यहीं से विधायक चुने गए थे। हालांकि ये अमनमणि का पहला विधानसभा चुनाव नहीं था। वो 2012 में सपा के टिकट पर नौतनवां से चुनाव लड़ चुके थे, तब कांग्रेस के कौशल किशोर सिंह ने उन्हें हरा दिया था। पांच साल बाद यूपी चुनाव में अमनमणि त्रिपाठी ने अपने विरोधी को 45 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। उस समय वह जेल में थे, उनके ऊपर भी अपनी पहली पत्नी की हत्या का आरोप लगा था।

लखनऊ में हुई थी दोनों की मुलाकात

हाई प्रोफाइल परिवार से ताल्लुक रखने वाली सारा सिंह लखनऊ में ही रहती थी। यही पर अमनमणि त्रिपाठी और सारा सिंह की मुलाकात हुई थी। धीरे-धीरे दोनो में संबंध गहरे होने लगे। अमन और सारा के बीच चल रही इस कहानी पर अमरमणि और अन्य सदस्य काफी रूष्ट थे, बावजूद इसके अमन ने घरवालों की मर्जी के खिलाफ सारा से जुलाई 2013 में लखनऊ के अलीगंज स्थित एक आर्यसमाज मंदिर में शादी कर ली।शादी में सिर्फ दो ही लोग मौजूद थे। अमन के गुपचुप शादी करने से उसके पिता अमरमणि काफी दिनों तक नाराज रहे, काफी दिनों बाद अंततः अमरमणि बैक फुट पर आए और बेटे को घर वापस बुलाए।

अमनमणि पर पत्नी की हत्या का है आरोप


साल 2016 में फिरोजाबाद नेशनल हाई-वे पर एक कार एक्सीडेंट में सारा सिंह की मौत हो गई थी। हैरानी की बात ये थी कि इस हादसे में अमनमणि त्रिपाठी को कुछ भी नहीं हुआ था। इस मामले में सारा की मां सीमा सिंह की शिकायत के आधार पर अमनमणि के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी। सारा सिंह की मौत के रहस्य से परदा उठाने में फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के भी पसीने छूट गए। घटनास्थल से मिले साक्ष्य स्पष्ट नहीं कर पाए कि सारा की मौत सड़क हादसे में हुई या उसकी हत्या की गई? मौका मुआयना करने पहुंची पुलिस भी समझ नहीं पाई थी कि हादसा कैसे हुआ जो सारा की जान चली गई और अमनमणि को खरोंच तक नहीं आई।आगे चलकर इस केस को सीबीआई के हवाले कर दिया गया। बता दें कि इस केस में सीबीआई जांच अभी भी चल रही है।

मध्यप्रदेश की ओशिन के साथ हुई दूसरी शादी

अमनमणि त्रिपाठी ने दूसरी शादी रचाई , मध्य प्रदेश की ओशिन के साथ गोरखपुर के एक होटल में सात फेरे लिये। कोरोना संक्रमण खतरे को देखते हुए शादी के कार्यक्रम को बेहद सीमित रखा गया था। सोशल डिस्टेंसिंग का ख़याल रखते हुए विधायक की शादी की रस्‍में बेहद करीबियों और परिवार के चंद सदस्‍यों के बीच पूरी की गईं।तिलक, सगाई और शादी तीनों का आयोजन एक ही दिन 30 जून 2020 को बस कुछ ही घंटों में संपन्न हो गया। कोरोना संक्रमण के चलते एहतियात बरतते हुए भोजन की व्यवस्था की जगह मेहमानों को लंच पैकेट दिये गए। इसके अलावा शादी में इस बात का भी खयाल रखा गया कि ज़्यादा भीड़ न जुटे। इस शादी के बारे में परिवार के लोगों, बेहद करीबियों व व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों के अलावा किसी को जानकारी नहीं थी।

पहली पत्नी की हत्या केस में CBI का कर रहे सामना

बताते चलें कि निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में सज़ा काट रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और मधु त्रिपाठी के बेटे हैं। अमनमणि ने परिवार की मर्ज़ी के खिलाफ जाकर 2013 में सारा सिंह के साथ प्रेम विवाह कर लिया था। जुलाई 2015 में अमनमणि के साथ कर से दिल्ली जाते समय सारा की संदिग्ध मौत हो गई थी। पत्नी की ह्त्या के आरोप में वह सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं।

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