
दलालों के चंगुल में फंसा गोरखपुर का जिला अस्पताल, दुकानदारों से डॉक्टरों तक बंटता है कमीशन
Gorakhpurnews : जिले में इन दिनों निजी अस्पतालों से लेकर मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल तक की व्यवस्था दलालों के हाथों में हैं। मेडिकल कालेज में एंबुलेंस माफियाओं का प्रकरण अभी चल ही रहा है की जिला अस्पताल में भी मरीजों को खरीद फरोख्त का जिन्न उभर कर आ गया है।इसका खुलासा एक दलाल के पकड़े जाने के बाद हुआ है। जिला अस्पताल के ओटी में डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर रंगदारी व धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार हुए दलाल प्रमोद सिंह से पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि वह डॉक्टर से लेकर दवा के दुकानदार तक कमीशन देता था।
बिना डिग्री और लाइसेंस के ही दवा का सप्लायर बना दलाल
बिना डिग्री और लाइसेंस के ही दवा का सप्लायर बना प्रमोद मोटा मुनाफा कमाता था। वह खुद को MR बताता था। सोमवार को आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। खबर है कि पूछताछ में दलाल ने अपने कई साथियों के नाम भी बताए हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
जिस डॉक्टर का खास था, उसने ही दर्ज कराया मुकदमा
आरोपी प्रमोद सिंह उर्फ महेंद्र प्रताप सिंह बस्ती जिले के मुंडेरवा थाना क्षेत्र के सोनखर गांव का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, एक सप्ताह पहले जिला अस्पताल के डॉ. राजेश कुमार ने आरोपी दलाल पर केस दर्ज कराया। आरोप है कि जिला अस्पताल के ओटी में डॉक्टर की सीट पर प्रमोद बैठा था। उसने रंगदारी मांगते हुए धमकी दी। सरकारी काम में बाधा डाली। केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा। पूछताछ की तो उसने कई चौंकाने वाले तथ्य बताए हैं। उसने बताया कि उसके पास दवा भंडारण का लाइसेंस नहीं है, न ही उसने बीफाॅर्मा किया है।
40 प्रतिशत तक कमीशन लेते हैं डॉक्टर
बिना डिग्री के ही वह दवाओं का भंडारण कर रहा था और इसी के सप्लाई और कमीशन को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि दवाओं को लिखने के लिए डॉक्टर को एडवांस धनराशि देता था। मुनाफे का करीब 40 प्रतिशत डॉक्टर को देता था और 40 प्रतिशत खुद रखता था। इसके अलावा जिन दवा की दुकानों से उसकी दवा बिकती थी, उसे 20 प्रतिशत देता था। आरोपी ने अपने साथियों के नाम भी बताए हैं।
दलाल के पैरवी में लगे रहे कई सफेदपोश
जिला अस्पताल से बिचौलिए के पकड़े जाने के बाद पैरवी में कई लोग सामने आ गए। सत्ताधारी दल के नेता ही नहीं, कई दूसरे विभागों के अधिकारी भी पुलिस अफसरों के पास पहुंचकर उसे शरीफ बताने में गुरेज नहीं किए। लेकिन पुलिस ने जांच के आधार पर आरोपी को जेल भिजवा दिया है।
जिला अस्पताल से रेफर मरीजों की DM ने मांगी सूची
गोरखपुर जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को रेफर किए जाने को लेकर डीएम ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से पिछले तीन महीने में इमरजेंसी में आए मरीज, मृत आए मरीजों का नाम, पता और मोबाइल नंबर मांगा है। इसके साथ ही जो मरीज रेफर होकर आए हैं, तो जहां से रेफर होकर आए, वहां का विवरण भी मांगा गया है। डीएम ने जिला अस्पताल से रेफर किए गए मरीजों और उन्हें रेफर करने वाले डॉक्टर के नाम भी मांगे है।
SP सिटी बोले
SP सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि डॉक्टर की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ में कई तथ्य सामने आए हैं। जिला अस्पताल में बिचौलिए का काम करने वाले कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस गहनता से पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी, जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।ऐसा नहीं है कि दलाली के इस खेल की जानकारी CMO या SIC को नहीं है। लेकिन, सभी इसपर अपनी आंखें बंद किए रहते हैं। इसी का नतीजा है कि मरीजों को तो दलाल लूट ही रहें हैं और अब दलाल डॉक्टरों को भी नहीं छोड़ रहे।
Published on:
12 Sept 2023 07:10 pm
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