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Gorakhpur news : कभी गिरवी रखा गया था सोना,आज मौजूद है 680 अरब डॉलर का स्वर्ण भंडार

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सुबह गोरखपुर पहुंचने पर सीएम योगी ने हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की। उनकी सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए। उपराष्ट्रपति यहां खाद कारखाना परिसर में 49 एकड़ में निर्मित सैनिक स्कूल का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा बदलाव का केंद्र है। इसके बिना बदलाव नहीं आ सकता। शिक्षा ही समाज मे फैली कुरीतियों पर कुठाराघात कर सकती है।

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गोरखपुर में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज सैनिक स्कूल का उद्घाटन किया। 49 एकड़ क्षेत्र में फैले इस सैनिक स्कूल का निर्माण 176 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।इस दौरान उन्होंने कहा कि ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की एक अलग और सशक्त पहचान बनी है, जिसमें उत्तर प्रदेश का गुणात्मक योगदान है।

कभी सोना गिरवी रखना पड़ा…आज 680 अरब डॉलर का स्वर्ण भंडार

680 अरब डॉलर के स्वर्ण भंडार के साथ भारत उन दिनों से बहुत आगे निकल आया है, जब उसे वित्तीय संकट से उबरने के लिए अपना सोना गिरवी रखना पड़ा था। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। धनखड़ ने कहा, 'आज का भारत 10 साल पहले की तुलना में पूरी तरह से अलग तस्वीर पेश करता है। एक समय था, जब 'सोने की चिड़िया' कहलाने वाले भारत को विदेशी बैंकों में सोना गिरवी रखना पड़ा था। उस समय हमारा भंडार एक अरब से दो अरब अमेरिकी डॉलर के बीच था। आज यह करीब 680 अरब अमेरिकी डॉलर है। देखिए, हमने तब से कितनी प्रगति की है।

यह आज का भारत है…अनुच्छेद-370 को हटाया

उपराष्ट्रपति ने की पीएम मोदी की तारीफ उपराष्ट्रपति ने इस बदलाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धनखड़ ने कहा, '1990 में जब मैं मंत्री की हैसियत से कश्मीर गया था, तब श्रीनगर की वीरान सड़कों ने मेरा स्वागत किया था।

अब पिछले दो-तीन वर्षों में कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है और दो करोड़ से ज्यादा पर्यटक कश्मीर की यात्रा कर चुके हैं।' उन्होंने कहा, 'संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद-370 को अस्थायी बताया था, लेकिन कुछ लोगों ने गलती से इसे स्थायी मान लिया। आज के समय में ही अनुच्छेद-370 को हटाया गया। यह आज का भारत है।

उपराष्ट्रपति ने की विश्व प्रसिद्ध गीता प्रेस की भी सराहना

धनखड़ ने यह भी कहा, 'अगर हम राष्ट्रवाद से समझौता करते हैं, तो यह देश के साथ विश्वासघात होगा। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उन्हें यह समझाना जरूरी है।' उन्होंने कहा, 'मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए किए जा रहे हवन में अपनी आहुति (योगदान) दें। समय आ गया है धनखड़ ने गोरखपुर में विश्व प्रसिद्ध गीता प्रेस की भी सराहना की।