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गोरखपुर-कुशीनगर का टेरर कनेक्शन, ताबड़तोड़ कार्रवार्इयों में दस गिरफतार

देश के छोटे शहरों में खड़ा किया है आतंकियों ने बड़ा नेटवर्क
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गोरखपुर

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 25 Mar 2018, 4:11 PM IST

ats

गोरखपुर। देश में दहशतगर्दी के लिए मुख्यमंत्री के जिले से आतंकवादियों को धन पहुंचाया जाता था। हवाला से आतंकी गिरोहों तक धन पहुंचाने के लिए गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज से लेकर देश के विभिन्न कोनों तक आतंकियों का नेटवर्क काम कर रहा। एटीएस द्वारा की गई गिरफ्तारियों में तीन गोरखपुर व एक कुशीनगर के व्यक्ति का नाम सामने आते ही हडकंप मच गया है। खुफिया सूत्रों की अगर मानेेें तो इस नेटवर्क का इस्तेमाल आर्थिक मदद के लिए आतंकी कर रहे थे। शनिवार को एटीएस की छापेमारी में गोरखपुर से पचास लाख रुपये की नकदी की भी बरामदगी हुई है। छापेमारी में बरामद लैपटॉप, उसके हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, करीब आधा दर्जन स्वाइप मशीन, मैग्नेटिक कार्ड रीडर, देसी पिस्टल और 10 कारतूस को भी जब्त कर लिया गया है। बताया जा रहा कि एटीएम गिरफ्तार सभी लोगों से पूछताछ कर एक बडे़ टेरर फंडिंग नेटवर्क का खुलासा करने जा रही।
बता दें कि शनिवार को एटीएस ने गोरखपुर में छापेमारी करके पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। दो बड़े व्यवसायी भाइयों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने शहर के ही तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया था। बताया जा रहा कि बाद में दो लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पकड़े गए दोनों भाई शहर के बड़े मोबाइल विक्रेता हैं। एक का शहर के सबसे प्रसिद्ध बददेव प्लाजा में शोरूम है तो दूसरे की रेती पर। इसके अलावा कुशीनगर से भी एटीएस ने एक व्यक्ति को उठाया है।
एटीएस को यह पुख्ता सूचना मिली थी कि एक नेटवर्क आतंकियों के फंडिंग केलिए काम कर रहा। यह हवाला के जरिए धन को इधर-उधर पहुंचा रहा।

जब एटीएस ने रेड कर गोरखपुर और कुशीनगर के कुछ लोगों को उठाया और पूछताछ की तो उसके होश फाख्ता हो गए। सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे भारत में सक्रिय आतंकवादियों को आर्थिक मदद मुहैय्या कराते हैं। यह नेटवर्क पाकिस्तान से डील होता था। इस नेटवर्क चेन में देश के विभिन्न छोटे शहरों के कुछ व्यवसायी शामिल हैं। बताया जा रहा कि गोरखपुर, कुशीनगर के अलावा आजमगढ़, प्रतापगढ़, लखनऊ और मध्यप्रदेश के रीवा के साथ साथ राजस्थान के भी बार्डर से जुड़े कई शहरों तक यह नेटवर्क काम कर रहा।
सूत्रों के अनुसार नेपाल से जुड़े होने की वजह से गोरखपुर अतिसंवेदनशील माना जाता है। महराजगंज और सिद्धार्थनगर से नेपाल की सीमा सटे होने और कुशीनगर सहित आसपास के जनपदों से बिहार समीप होने से देश विरोधी गतिविधियों के लिए यह क्षेत्र काफी मुफीद है।

इनकी हुई है गिरफ्तारियां
खुफिया सूत्रों के अनुसार गोरखपुर अरशद नईम (35) और गोरखपुर नसीम अहमद (40), गोरखपुर से दयानंद यादव (28), कुशीनगर के पडरौन के मुशर्रफ अंसारी (23), आजमगढ़ के सुशील राय उर्फ अंकुर राय (25), लखनऊ गांधी ग्राम के साहिल मसीह (27), मध्य प्रदेश रीवा से शंकर सिंह, गोपालगंज बिहार के मुकेश प्रसाद (24), प्रतापगढ़ रानीगंज के संजय सरोज (31), नीरज मिश्र प्रतापगढ़ (25) कोे गिरफ्तार किया गया है।