6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Harishankar Tiwari: यूपी का वो बाहुबली, जिसके गुर्गे ने यूपी के सीएम की सुपारी ले ली

Harishankar Tiwari: चिल्लूपार विधानसभा सीट से हरिशंकर तिवारी ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। जेल में रहते हुए उन्होंने कांग्रेस नेता मार्कंडेय को भारी मतों से हराया था।

2 min read
Google source verification
harishankar.jpg

हरिशंकर तिवारी की फाइल फोटो।

Hari Shankar Tiwari Death: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और पूर्वांचल के बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी का मंगलवार को निधन हो गया। वे 86 साल के थे। हरिशंकर तिवारी की एक जमाने में पूर्वांचल में तूती बोलती थी। ऐसा माना जाता है हिंदुस्तान में जेल में रह कर सबसे पहले चुनाव जीतने वाले नेता हरिशंकर तिवारी ही थे। हरिशंकर तिवारी ने अपराध से राजनीतिक की ओर कदम बढ़ाया था। श्रीप्रकाश शुक्ला भी उन्हें अपना गुरु मानता था।

लोग बताते हैं कि 1993 में श्रीप्रकाश शुक्ला की बहन के साथ छेड़खानी हो गई। श्रीप्रकाश को पता चला तो उसने राकेश तिवारी नाम के व्यक्ति की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। इस हत्या के बाद श्रीप्रकाश का नाम गोरखपुर के हर घर तक पहुंच गया।

यह भी पढ़ें: Harishankar Tiwari Death: सलाखों के पीछे से यूपी की सियासत में फैलाई सनसनी! ऐसा था पूर्वांचल के रॉबिनहुड का रसूख

श्रीप्रकाश शुक्ला को पुलिस खोज रही थी। उस वक्त श्रीप्रकाश को संरक्षण दिया हरिशंकर तिवारी ने। बताते हैं कि हरिशंकर ने श्रीप्रकाश को बैंकॉक भेज दिया। मामला ठंडा हुआ तो वह वापस आ गया। श्रीप्रकाश को पैसा-पावर और सत्ता चाहिए थी, इसलिए उसने बिहार के सबसे बड़े बाहुबली सूरजभान सिंह से हाथ मिला लिया। ये बात हरिशंकर तिवारी को पसंद नहीं आई, लेकिन श्रीप्रकाश ने इसी दौरान एक ऐसा काम कर दिया जो हरिशंकर कभी नहीं कर पाए।

विधायक वीरेंद्र प्रताप शाही का मर्डर
श्रीप्रकाश शुक्ला ने 1997 में महाराजगंज के बाहुबली विधायक वीरेंद्र प्रताप शाही की लखनऊ शहर के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी। लोग बताते हैं कि यह हत्या हरिशंकर तिवारी के कहने पर की गई। कुछ लोग यह भी कहते हैं कि सबसे बड़ा डॉन बनने की चाहत में श्रीप्रकाश ने ऐसा किया।

बहरहाल, इस हत्या के बाद श्रीप्रकाश ने कई और अपराध किए। कहा जाता है कि श्रीप्रकाश ने उस वक्त के CM कल्याण सिंह की हत्या के लिए 6 करोड़ की सुपारी ले ली। इसके बाद वह सरकार की नजर में खटक गए और STF ने उनका एनकाउंटर कर दिया।