scriptगोरखपुर में इनकम टैक्स की रेड…एक सिपाही के आने से उल्टा पड़ गया पासा, बड़े गिरोह का भंडाफोड़ | Patrika News
गोरखपुर

गोरखपुर में इनकम टैक्स की रेड…एक सिपाही के आने से उल्टा पड़ गया पासा, बड़े गिरोह का भंडाफोड़

आयकर अधिकारी बताकर एजेंट के घर छापा डालने पहुंचे तीन जालसाजों को स्थानीय लोगों ने एम्स थाना पुलिस की मदद से पकड़ लिया। पूछताछ व जांच में पता चला के आरोपित,दिल्ली,गाजियाबाद व बिहार के रहने वाले हैं। उनके कब्जे से आयकर विभाग का फर्जी आईकार्ड व दिल्ली का नंबर प्लेट लगी अर्टिंगा कार,मोबाइल फोन व दस्तावेज बरामद हुए। आरोपित कई राज्यों में इस तरह की कई वारदात कर चुके हैं। एम्स थाना पुलिस छानबीन कर रही है।

गोरखपुरJun 15, 2024 / 09:04 am

anoop shukla

गोरखपुर में एक जालसाजों का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बन जालसाज एक घर में रेड करने पहुंच गए। फर्जी आईकार्ड दिखाकर मकान मालिक को अर्दब में लेना शुरू कर दिया। इस बीच उनका किराएदार सिपाही भी वहां पहुंच गया। सिपाही को शक हुआ तो उसने पूछताछ शुरू कर दी।
सिपाही ने कहा कि थाने चलिए, वहीं पर बात होगी। पहले तो जालसाज टालमटोल करते रहे लेकिन, जब सिपाही को यह यकीन हो गया कि यह इनकम टैक्स अफसर नहीं बल्कि जालसाज हैं तो उसने AIIMS थाने पर फोन कर दिया। सूचना पाते ही पुलिस पहुंच गई और जालसाजी को पूरा खेल सामने आ गया। तीन जालसाजों को पुलिस ने दबोच लिया। जबकि, एक जालसाज फरार हो गया।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर जांच करने पहुंचे जालसाज अक्षय कुमार की बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ से काफी प्रभावित थे। वे फिल्म की तरह फर्जी टीम बनाकर लग्जरी कार पर भारत सरकार का बोर्ड लगाकर जालसाजी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस की माने तो अबतक वह एक दर्जन के आसपास वारदात को अंजाम दे चुके थे। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने उनके पास से फर्जी आईकार्ड और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का बोर्ड लगी लग्जरी कार भी बरामद किया है। कार पर दिल्ली का नंबर प्लेट लगा है। पुलिस को शक है कि कार भी चोरी की है। फिलहाल, पुलिस पीड़ित भजनलाल की तहरीर पर केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
दरअसल, AIIMS इलाके के कुसम्ही बाजार निवासी भजनलाल उर्फ राम भजन मद्धेशिया सिंघड़िया स्थित एक विदेश भेजने वाली कंपनी के एजेंट है। उनका कुसम्ही में दो मंजिला मकान है। जिसकी ऊपरी मंजिल में एक सिपाही अनिल गुप्ता भी रहते हैं। अनिल वर्तमान में लाइन हाजिर हैं। वे पहले जगदीशपुर चौकी में तैनात थे। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे चार लोग कार से रामभजन के घर पहुंचे।
उन्होंने खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताया और उनके खिलाफ शिकायत पर घर की तलाशी लेने की जानकारी दी। जालसाज रामभजन को कार्ड दिखाकर दबाव में लेना शुरू कर दिए। ये सब चल ही रहा था कि तबतक किरायेदार सिपाही अनिल गुप्ता मौके पर पहुंच गए। उन्हें शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ शुरू कर दी। सिपाही ने कहा कि स्थानीय पुलिस को बुला रहे हैं, उसके बाद जांच करिए।
इस बीच बहसबाजी शुरू हुई तब सिपाही ने कहा कि थाने चलिए वही बात होगी। जिसके बाद जालसाज कुछ ले देकर मैनेज करने की बात करने लगे। तभी सिपाही अनिल ने जगदीशपुर चौकी पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस चौकी से दरोगा प्रमोद कुमार मौके पर पहुंच गए। इस दौरान एक जालसाज मौके से फरार हो गया। जबकि, तीन लोग पकड़ लिए गए। पुलिस सभी को कार सहित थाने लाई।
पूछताछ में पता चला कि पकड़ा गया एक जालसाज बिहार तो एक गाजियाबाद का रहने वाला है। इन लोग का एक ग्रुप है जो अलग-अलग जिलों में जाकर इनकम टैक्स अधिकारी बन जांच के नाम पर रुपए लेकर चले जाते है।
इनकम टैक्स दिल्ली में ड्राइवर है आरोपी राजेश
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों की पहचान दिल्ली के राजेश, बिहार केनिवासी उजेन्द्र पांडेय और नोएडा खोड़ा काॅलोनी निवासी नवाजिश अली के रूप में हुई। इनका ऑफिस दिल्ली में है। ये अन्य प्रदेशों और जिलों में कई घटनाओं को अंजाम दे चुके है। इनमें से मूलरूप से गोरखपुर के महदेवा बाजार का राजेश कुमार अधिकारी बना था।
IT अफसरों के साथ रहकर सीखा अर्दब में लेना
थाने पर पहुंचे उसके भाई ने बताया कि यह लोग दिल्ली में रहते है। वे और उसका भाई इनकम टैक्स डिपार्टमेंट दिल्ली में अपनी कार मासिक किराए पर देता था। कई बार राजेश इनकम टैक्स अधिकारियों की गाड़ी खुद चलाकर ले जाता था। उनके साथ रहते हुए वे उनके हाव भाव से परिचित हो गया था। इस बीच उन्होंने आई कार्ड भी बनवा लिया। पकड़ी गई गाड़ी बिहार के उजेंद्र पांडेय की बताई जा रही है।

Hindi News/ Gorakhpur / गोरखपुर में इनकम टैक्स की रेड…एक सिपाही के आने से उल्टा पड़ गया पासा, बड़े गिरोह का भंडाफोड़

ट्रेंडिंग वीडियो