
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के खाते में जल्द ही कोविड महामारी के दौरान बंद रहे विद्यालयों का खाद्य सुरक्षा भत्ता डीबीटी के तहत प्रेषित करने की राह आसान हो गई है। ये धनराशि मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से प्रधानाध्यापकों के खाते में प्रेषित कर दी गई है। प्रधानाध्यापक धनराशि डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के बैंक अकाउंट में प्रेषित कराने के साथ ही इसकी सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। कोविड महामारी की वजह से वर्ष 2021 में परिषदीय स्कूल, एडेड, समाज कल्याण विभाग से संचालित स्कूल, बेसिक और माध्यमिक परिषद से अनुदानित विद्यालय अप्रैल से अगस्त 2021 तक बंद थे। इस दौरान स्कूल में मीड डे मिल नहीं बना।
शासन के निर्देश पर बच्चों के खाते में भोजन की धनराशि प्रेषित करने का निर्देश दिया गया। इसके अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थी को 636 रुपये प्रतिछात्र (128 कार्य दिवस) तो उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र को 901 रुपये (121 कार्य दिवस) की धनराशि प्रेषित की जाएगी। हाल ही में डीएम विजय किरन आनंद ने बेसिक शिक्षा विभाग के साथ बैठक कर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया है।
डीबीटी के अंदर प्रेषित की जाने वाली धनराशि का ब्योरा नियमित रूप से गूगल सीट पर अपलोड करना होगा। खंड शिक्षा अधिकारी इसकी निगरानी करे।धनराशि प्रेषित करने के एक सप्ताह के अंदर सत्यापन के लिए जनपद स्तरीय टीम का गठन किया जाएगा। जिसे विद्यालय स्तर पर संग्रहित सूची जांच अधिकारी को अध्यापक उपलब्ध कराएंगे। जांच अधिकारी बैंक पास बुक एवं उपलब्ध डाटा के अनुसार छात्र छात्राओं से सुनिश्चित करेंगे कि धनराशि मिली या नहीं।
खाद्य सुरक्षा भत्ता भेजने के बाद छात्र छात्राओं का विवरण एक्सेल सीट पर उपलब्ध कराना होगा।
धनराशि अभिभावकों के उन खातों में भेजी जाएगी जो आधार कार्ड से लिंक हो।
खंड शिक्षा अधिकारी और अध्यापक सुनिश्चित करेंगे की धनराशि खातों में प्रेषित हो।
मिड डे मील जिला समन्वयक दीपक पटेल ने कहा कि डीबीटी के तहत जिले के 2741 स्कूलों में धनराशि प्रेषित करने को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसे लेकर डीएम से आवश्यक दिशा निर्देश मिला है। प्रेषित धनराशि का नियमित निगरानी होगी। इसके बारे में खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश प्रेषित कर दिया गया है।
Published on:
07 Jun 2022 09:41 pm
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