
Munna Bajrangi
जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी गोलियों से भूनकर हत्या करने वाले सुनील राठी के बड़े भाई अरविंद राठी को आखिरकार एकसाल बाद देवरिया जेल में वापसी कर दी गई। करीब एक साल से बिला किसी आदेश के वह बागपत जेल में शिफ्ट किया गया था। लेकिन मुन्ना बजरंगी के बाद मामला सुर्खियों में आने के बाद उसे वापस लाया गया है।
माफिया सुनील राठी का बड़ा भाई माफिया अरविंद राठी पर कई मुकदमें दर्ज हैं। हत्या के एक मामले में वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। करीब पंद्रह साल पहले मेरठ कोर्ट ने उसे सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह प्रदेश के विभिन्न जेलों में रहकर सजा काट रहा है। बीते 2 दिसंबर 2016 को उसे देवरिया जेल में शिफ्ट किया गया था। अरविंद ने पिछले साल ही सजा माफी के लिए आवेदन किया था। सुनवाई के लिए ही तीन-चार दिनों के लिए पेशी के लिए 18 जुलाई 2017 को ले जाया गया था। पेशी के दौरान उसे बागपत जेल में रखा गया था। लेकिन एक बार जाने के बाद अरविंद राठी देवरिया जेल में लौटा ही नहीं। साल भर तक जेल प्रशासन ने उसकी सुधि ही नहीं ली।
माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सुनील राठी अचानक से सुर्खियों में आया। इसके बाद उसके भाई अरविंद राठी के बारे में भी खुलासा हुआ कि देवरिया जेल से वह बागपत बिना किसी आदेश के एक साल से शिफ्ट है। मामला सबके सामने आने के बाद उसे सुबह-सवेरे भारी फोर्स के साथ देवरिया जेल में शिफ्ट किया गया।
मुन्ना बजरंगी के शूटर और अरविंद राठी के बीच जेल में ही ठनी थी
देवरिया जेल में ही माफिया सुनील राठी और मुन्ना बजरंगी के शूटर सुनील यादव के बीच ठन गई थी। जेल में ही दोनों के बीच अदावत से पूरा जेल प्रशासन सकते में था। बताया जा रहा है कि बैरक नंबर 10 में सुनील राठी का भाई अरविंद राठी रहा करता था। आते ही उसने अपना दबदबा जेल में कायम कर लिया था। राजनैतिक रसूखवाले लोग आए दिन उससे मिलने आते रहते थे। जेल प्रशासन उसके आगे पूरी तरह नतमस्तक रहता था। इसी जेल में मुन्ना बजरंगी का शूटर सुनील यादव भी बैरक नंबर 11 में रहता था। उसके भी जलवे जेल में थे। वर्चस्व को लेकर दोनों के बीच एक दिन ठन गई। जेल में ही गैंगवार की आशंका जताई जाने लगी। लेकिन मुन्ना बजरंगी का शूटर सुनील माफिया अरविंद पर भारी पड़ गया। देवरिया जेल में बंद कई माफिया गैंग सुनील के साथ थे। अरविंद को मुंह की खानी पड़ी। हालांकि, अरविंद राठी बदला लेने की फिराक में था। इसको लेकर जेल प्रशासन चिंतित था। बताया जा रहा है कि इसी दौरान बाहुबली अतीक अहमद की जेल में एंट्री हुई। उन्होंने स्थिति को संभालते हुए दोनों पक्षों में समझौता कराया था। हालांकि, समझौता के बाद भी वह सुलगता रहा। बताया जा रहा है कि सजा माफी की सुनवाई के लिए वह बागपत जेल तीन दिनों के लिए भेजा गया था लेकिन बेइज्जती की आग में सुलग रहा अरविंद राठी न जाने क्यों तब वापस ही नहीं लौटा।
Updated on:
25 Jul 2018 04:48 pm
Published on:
25 Jul 2018 05:17 pm
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