
UP Mayors
गोरखपुर। यूपी के 13 नगर निगमों के महापौर प्रदेश में 74वां संविधान संशोधन को लागू करने की मांग कर रहे हैं। विभिन्न बैठकों में डीएम व कमिश्नर की अध्यक्षता और खुद सदस्य रहने पर आपत्ति करते हुए संविधान में प्रदत्त अधिकारों को दिए जाने की मांग किए हैं। मेयर ने शासन से सुरक्षा की भी मांग की है।,
74वां संविधान संशोधन को लागू करने वाले मेयर महासंघ ने मांग किया है कि शासनादेश संख्या 4880 दिनांक 21-01-2013 निरस्त किया जाए और शासनादेश संख्या 3304ए दिनांक 31-01-2000 लागू किया जाए। मेयर संगठन के मेयर सीताराम जायसवाल का कहना है कि अवस्थापना विकास निधि व 74वां वित्त आयोग, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, गंगा सफाई योजना, सूडा-डूडा की विभिन्न योजनाओं में मण्डलायुक्त और जिलाधिकारी को अध्यक्ष बनाया गया है और महापौरों को सदस्य बनाया गया है यह अनुचित है। संगठन की मांग है कि महापौर का पद संवैधानिक पद होता है, इसलिए जहाॅ-जहाॅ मण्डलायुक्त और जिलाधिकारी को अध्यक्ष बनाया गया है वहाॅ-वहाॅ महापौरांे को अध्यक्ष बनाया जाए और सदस्य मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी को बनाया जाए।
महापौरों को भी मिले प्रोटोकाल, सचिवालय पास भी जारी हो
महापौरों ने मांग किया है कि राज्य सरकार द्वारा महापौरों का प्रोटोकाल प्रपत्र जारी किया जाए। सरकार महापौरों के लिए सचिवालय पास जारी किया जाए। इन लोगों ने मांग किया है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी संकल्प पत्र लागू करे।
आयुक्तों के वित्तीय अधिकार में हो कटौती
नगर आयुक्तों को 10.00 लाख की वित्तीय स्वीकृति कम करके 5.00 लाख रुपये की जाए। नगर निगम में अधिकारियों/कर्मचारियों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए पर्याप्त अधिकारी/कर्मचारी तैनात किया जाए।
मेयर को मिले वाई श्रेणी की सुरक्षा
मेयर महासंघ ने अपने लिए वाई श्रेणी सुरक्षा की मांग की है। अतिक्रमण हटवाने के लिए एक्स आर्मी मेन उपलब्ध करवाये जाए। जब तक 74वां संविधान संशोधन न लागू की जाए तब तक विकास प्राधिकरण का चेयरमैन कमिश्नर के जगह महापौरों को बनाया जाए।
Published on:
25 May 2018, 1:12 PM IST
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