
Officers inspected for bus stops
शहरों में जाम की बढ़ती समस्या से निजात पाने और प्रदूषण मुक्त वातावरण के लिए यूपी सरकार ने केंद्र सरकार की सहायता से गोरखपुर समेत प्रदेश के 14 जिलों में सिटी बस सेवा शुरू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। निजी सहयोग से शुरू होने वाली इस सुविधा के लिए केंद्र सरकार सालाना अनुदान भी देगी।
गोरखपुर में चलेंगी 25 बसें, इन जिलों में सौ-सौ बस चलाने का प्रस्ताव
सरकार ने गोरखपुर समेत प्रदेश के 14 जिलों में सिटी बस सेवा प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में सिटी बस सेवा को शुरू करने का प्रस्ताव मांगा था। शहर में इसकी संभावना को देखते हुए सिटी बस का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। कैबिनेट ने भी गोरखपुर समेत प्रदेश के 14 जिलों में इस सेवा को हरी झंड़ी दे दी है। गोरखपुर में मिनी बसों को सिटी बस सर्विस में प्रयोग किया जाएगा। गोरखपुर में 25 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी मिली है। जबकि लखनऊ, कानपुर और आगरा में 100-100 बसें चलेंगी। प्रयागराज, गाजियाबाद, वाराणसी मेरठ, मथुरा और वृन्दावन में 50-50 बसें चलेंगी। गोरखपुर के अलावा मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी, बरेली, शाहजहांपुर में 25-25 बसें चलेंगी।
Read this also: घर बैठे पा सकते हैं छह हजार रुपये, जानिए कैसे
32 सीटर बसों को खरीदा जाएगा
सिटी बस सेवा के लिए जिन इलेक्ट्रिक बसों को चलाया जाएगा वह पूर्णतया एसी होंगी। इन बसों में 32 लोग आसानी से एक बार में बैठ सकेंगे। 32 सीटर ये बसें पूर्णतया प्रदूषण मुक्त होंगी। सरकार की मंशा है कि शहर के लोग अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें ताकि प्रदूषण कम करने में ये सहायक बन सकें।
पीपीपी माॅडल पर परियोजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा
सिटी बस सेवा शुरू करने के लिए सरकार ने पीपीपी माॅडल को अपनाया है। निजी सहयोग से चलाई जाने वाली इन बसों व इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कुल 965 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्र सरकार इसके लिए सलाना 45 लाख रुपये अनुदान देगी।
Updated on:
02 Oct 2019 06:09 pm
Published on:
02 Oct 2019 11:34 am
बड़ी खबरें
View Allगोरखपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
