3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोरखपुर में चाइनीज मांझे पर SSP सख्त, हादसे पर क्षेत्र के संबंधित थानेदार पर होगी करवाई

चाइनीज मांझा पूरे प्रदेश के लिए मौत का एक सामान बन चुका है। इसकी बिक्री पुलिस और प्रशासन के लिए सिरदर्द बनी हुई है। SSP राजकरन नैय्यर ने इस पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए थानेदार की जिम्मेदारी तय कर दी है।

2 min read
Google source verification
Up news, gorakhpur, patrika news

फोटो सोर्स: पत्रिका, चाइनीज मांझे की बिक्री पर SSP सख्त

गोरखपुर में चाइनीज मांझे की बिक्री पर SSP राजकरन नैय्यर ने काफी सख्त रुख अख्तियार किया है, उन्होंने थानेदारों को सख्त निर्देश दिया है कि चाइनीज मांझे से अगर कोई भी हादसा होता है तो इसकी सारी जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के थानेदार की होगी, क्षेत्र में चाइनीज मांझा बिकने की स्थिति में वह पूरी तरह जिम्मेदार होगा और हादसा होने पर कड़ी कारवाई की जाएगी।

शहर में चाइनीज मांझे से घायल युवक जिंदगी और मौत के बीच कर रहा है संघर्ष

तिवारीपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम सूरजकुंड ओवर ब्रिज पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। 25 वर्षीय अमित गुप्ता, जो अपनी मां के साथ बाइक से जा रहे थे, चीनी मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी गर्दन इतनी बुरी तरह कट गई कि गले की पांच नसों में से चार से अधिक क्षतिग्रस्त हो गईं। अमित को जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज और फिर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका ऑपरेशन हुआ। जब हादसा हो गया तब तिवारीपुर थाना पुलिस सक्रिय हुई और दुकानों की चेकिंग शुरू की।

चेकिंग में नहीं मिला चाइनीज मांझा, फिर कैसे हो रहे हादसे

घटना के बाद तिवारीपुर थाना अध्यक्ष गौरव वर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र की लगभग 10 दुकानों की जांच करवाई। जांच के दौरान किसी भी दुकान पर चीनी मांझा बिकता हुआ नहीं पाया गया। हालांकि, इसके बाद पुलिस ने सभी दुकानदारों को सख्त चेतावनी देते हुए एक प्रमाण पत्र भरवाया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से अंकित है कि

"यदि भविष्य में किसी भी दुकान पर चीनी मांझा बिकता हुआ पाया गया, तो संबंधित दुकानदार के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।"

प्रतिबंध के बाद भी बिक रहे हैं मंझे, कट रहीं हैं लोगों की गर्दन

सरकार ने चीनी मांझे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है, फिर भी यह जानलेवा धागा बाजारों में चोरी-छिपे बिकता रहा है। हादसे के बाद प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई स्थायी होनी चाहिए, न कि सिर्फ हादसे के बाद की औपचारिकता। सरकार को भी चीनी मांझे के ऑनलाइन बिक्री पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए प्रशासन और नागरिकों को मिलकर ऐसे जानलेवा उत्पादों पर रोक लगानी होगी, ताकि भविष्य में कोई और अमित अपनी जिंदगी से न जूझे।