
terror
गोरखपुर। भारतीय जेलों में बंद आतंकवादी जेल में ही जिहादी बना रहे हैं। कैदियों में घुलने-मिलने के बाद वह कैदियों को चलता फिरता मानव बम बनाने के लिए ब्रेन वाश कर रहे हैं। लखनऊ की जेल में बंद एक ऐसे ही खतरनाक आतंकी को गोरखपुर जेल में शिफ्ट किया गया है। आरोप है कि वह लखनऊ जेल में कैदियों को जिहादी बना रहा था और उनको आतंक की राह पर चलने के लिए प्रेरित कर रहा था। फिलहाल आतंकी को गोरखपुर जेल के हाईसिक्योरिटी बैरक में रखा गया है।
23 नवम्बर 2007 फैजाबाद और लखनऊ कचहरी बम ब्लास्ट में एक आतंकी सुरक्षा बलों के हाथ लगे थे। जबकि गोरखपुर बम ब्लास्ट में शामिल दो आतंकी पकड़े गए थे। इन तीनों आतंकियों कचहरी बम ब्लास्ट में शामिल आईएसआई एजेंट आदिल अंजुम, गोरखपुर बम ब्लास्ट का आरोपित तारिक काजमी तथा सज्जादुर्रहमान एक ही जेल में थे। लेकिन ये तीनों जेल में ही रहकर आतंक की पाठशाला चला रहे थे। बताया जा रहा है कि तीनों आतंकी जेल में बंद अन्य कैदियों को आतंकी बनाने का काम कर रहे थे। ये तीनों जेल में ही कैदियों का ब्रेनवाश कर रहे थे। जिहाद के नाम पर अन्य कैदियों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए ट्रेनिंग दे रहे थे।
इसकी भनक सुरक्षा एजेंसियों को जब हुई तो इन आतंकियों को अलग-अलग जेलों में भेजने का तत्काल इंतजाम करवा दिया। शासन के निर्देश पर इन तीनों को अलग-अलग जगहों पर हाईसिक्योरिटी में रखा गया है। लखनऊ और फैजाबाद कचहरी में बम ब्लास्ट का आरोपित आतंकी आदिल अंजुम को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लखनऊ जेल से स्थानांतरित कर गोरखपुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। गोरखपुर मंडलीय कारागार में शिफ्ट हुए इस कैदी की वजह से कारा प्रशासन काफी चैकन्ना हो गया है। आतंकी आदिल अंजुम शिफ्ट करने से पहले उसकी सघन तलाशी ली गई। बैरक की भी अच्छे से जांच-पड़ताल की गई। आतंकी किसी अन्य कैदी के संपर्क में न आ सके इसकी खास निगरानी की जा रही है।
Published on:
11 May 2018 02:12 pm
बड़ी खबरें
View Allगोरखपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
