
पानी टंकी गिरा
गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले में टेस्टिंग के दौरान ही ओवरहेड टैंक गिरने के मामले में तीन जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गई है। तत्काल प्रभाव से जल निगम के सहायक अभियंता वीके सिंह, जेई दिलीप कुमार व एक्सईएन डीपी मिश्र को निलंबित कर दिया गया है। सीएम के जिले में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद आननफानन में कार्रवाई की गई है। हालांकि, काम कराने वाले फर्म/ठेकेदार के खिलाफ अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
खजनी विकासखंड के डोडो गांव में एक ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया है। जल निगम की देखरेख में करीब 1.57 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार इस टैंक की क्षमता करीब डेढ़ सौ किलोलीटर है। इस ओवरहेड टैंक से आसपास के तीन गांवों में शुद्ध पेयजल की सप्लाई की जानी थी।
टैंक जलनिगम द्वारा तैयार किये जाने के बाद इसकी टेस्टिंग की जा रही थी। सोमवार के तड़के ही इस पानी टंकी में पानी भरा जा रहा था। भोर के करीब तीन बजे जैसे ही पानी भरी गई वैसे ही टैंक भरभरा कर गिर गया। तेज आवाज सुन गांव के लोग दौड़े आये तो पता चला पानी टंकी गिर गई है। इस हादसे में दो मजदूर घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने एम्बुलेन्स को फ़ोन किया तो वह नहीं पहुंचा। लोगों ने 100 नम्बर डायल किया। 100 नम्बर मौके पर पहुंचा तो लोगों की सहायता से दोनों को गम्भीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गांववालों के अनुसार पानी टंकी निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। सरिया मानक के विपरीत इस्तेमाल हुआ है तो मोरंग व बालू की मात्रा भी मानक के हिसाब से नहीं है।
बता दें कि खजनी थाना थाना क्षेत्र के ग्राम सभा धाधूपार में टेस्टिंग के लिए पानी भरते समय नवनिर्मित पानी की टंकी भरभराकर गिर गई थी, इसमें दो मजदूर घायल हो गए। दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। एक करोड़ 57 लाख रुपये की लागत की इस टंकी को जल निगम ने तीन महीने पहले बनवाकर तैयार किया था।
BY- Dheerendra Gopal
Updated on:
10 Oct 2017 02:51 pm
Published on:
10 Oct 2017 08:46 am
बड़ी खबरें
View Allगोरखपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
