
nagar nigam election
गोरखपुर। भारतीय जनता पार्टी ने कई हफ़्तों के चिंतन मनन के बाद आखिरकार मेयर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा आज कल में करने की तैयारी में है। आज देर शाम सूची जारी होने की प्रबल संभावना है। हालांकि, अधिकतर लोगों का मानना है कि गोरखपुर नगर निगम क्षेत्र से महापौर पद के लिए डॉ. धर्मेंद्र सिंह को ही बीजेपी प्रत्याशी बनाएगी। वजह डॉ.धर्मेंद्र सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ख़ास लोगों में शुमार हैं। और गोरखपुर में फिलहाल संगठन में तो कम से कम कोई ऐसा नहीं जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के किसी ख़ास को दरकिनार कर निर्णय ले सके।
ये लोग मेयर प्रत्याशी बनने की दौड़ में
भारतीय जनता पार्टी क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार 26 दावेदारों ने गोरखपुर नगर निगम क्षेत्र से महापौर के प्रत्याशी के लिए अपनी दावेदारी जताते हुए अपनी प्रत्याशिता के लिये आवेदन किया है। इसमें डॉ.धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मेयर अंजू चौधरी, उनके पुत्र अरविन्द विक्रम चौधरी, सीताराम जायसवाल, शिव कुमार शर्मा, चिरंजीव चौरसिया, शशिकांत सिंह, गोपाल सिंह वर्मा, लाल बिहारी शर्मा, पद्मा गुप्ता, दयानंद शर्मा, डॉ. उषा नारायण, इंदुमती सिंह, जवाहर कसौधन और आशा जायसवाल के नाम चर्चा में शामिल है। फिलहाल टिकट के दावेदारों में मजबूत दावेदारी डॉ.धर्मेंद्र सिंह व पूर्व मेयर अंजू चौधरी तथा उनके पुत्र अरविन्द विक्रम ही दिखाई दे रहे। धर्मेंद्र की दावेदारी इसलिये मजबूत माना जा रहा क्योंकि वह योगी खेमे के माने जाते हैं। योगी आदित्यनाथ अगर किसी अन्य समीकरण या रणनीति की वजह से अपनी पसंद जाहिर नहीं करते हैं तो संगठन धर्मेंद्र सिंह पर ही दांव खेल सकता है। अगर डॉ.धर्मेंद्र सिंह पर बात नहीं बनी तो पूर्व मेयर अंजू चौधरी या उनके बेटे अरविन्द विक्रम को प्रत्याशी बनाया जा सकता है। अंजू चौधरी या उनका परिवार बीजेपी के लिए जाना पहचाना चेहरा है। पूर्व मेयर, योगी आदित्यनाथ की भी पसंद हो सकती हैं साथ में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला के गुट को भी इस नाम से कोई आपत्ति नहीं होगी।
फिलहाल, यह सस्पेंस शाम तक ख़त्म हो जाए ऐसी आशा सभी को है।
कौन हैं डॉ. धर्मेंद्र सिंह
बीजेपी संगठन के पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभिन्न पदों पर रहने वाले डॉ.धर्मेंद्र सिंह संगठन से भी काफी दिनों से जुड़े रहे हैं। एबीवीपी के बाद कई वर्षों तक धर्मेंद्र सिंह भारतीय जनता पार्टी में रहे। काफी वर्षों तक बीजेपी के गोरखपुर महानगर अध्यक्ष रहे डॉ.धर्मेंद्र सिंह इस बार बीजेपी की घोषित कार्यकारिणी में क्षेत्र में भेज दिए गए। उनको संगठन ने क्षेत्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारियां सौंपी गई। संगठन के कार्य करने के बावजूद डॉ.धर्मेंद्र सिंह को मंदिर खेमे का माना जाता रहा है। इस बार जब गोरखपुर में मेयर की सीट पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित किया गया तो डॉ.सिंह ने भी अपनी दावेदारी जताई। संगठन व सरकार की पसंद होने की वजह से डॉ.धर्मेंद्र सिंह के नाम पर स्क्रीनिंग समिति ने किसी प्रकार का संदेह या सवाल किए बगैर उनको प्रत्याशी बना दे तो यह आश्चर्य नहीं होगा।
कौन हैं अंजू चौधरी
गोरखपुर के जमींदार परिवार रामलखन चौधरी के परिवार की बहू अंजू चौधरी बीजेपी से काफी दिनों से जुडी हुई हैं। कई दफा मेयर का चुनाव लड़ चुकी व एक बार मेयर रह चुकी अंजू चौधरी संगठन के अलावा सामाजिक कार्यों में हमेशा सक्रिय रहती हैं। बीजेपी के शीर्ष में भी चौधरी परिवार का पकड़ है। इस बार वह और उनके बेटे दोनों ने दावेदारी की है। दोनों ने किसी एक को प्रत्याशी बनाये जाने की मांग की है। संगठन अगर सबकी राय जानकर व स्थानीय समीकरण पर टिकट देने की सोचेगा तो चौधरी परिवार का कोई सदस्य प्रत्याशी बन जाए इससे इनकार नहीं किया जा सकता।
Published on:
02 Nov 2017 01:19 pm
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