
सोमवार को रोज की तरह SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर जन सुनवाई कर रहे थे थे उसी समय एक हैरान करने वाली घटना हुई है। आफिस में पहुंचे एक अस्सी वर्षीय पिता जो की पेशे से शिक्षक थे अपने दो बेटों के साथ पहुंचे थे, SSP से मिलते ही उन्होंने कहा की साहब! मैंने अपने दोनों बेटों के बीच जमीन को लेकर हुए विवाद का निपटारा घर पर करा दिया।
अब यह कभी विवाद नहीं करेंगे। इनके केस को खत्म करा दीजिए।ये बातें बांसगांव के एक गांव से आए रिटायर्ड शिक्षक ने एसएसपी से उनके दफ्तर में सोमवार को कहीं। जिसके बाद एसएसपी ने पुलिस को केस खत्म करने का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार, जमीन से जुड़े मारपीट व अन्य हर छोटे मोटे विवाद में जिले की पुलिस अब एफआईआर दर्ज कर रही है। जिसकी विवेचना हो रही है। बार-बार पुलिस भी बयान आदि लेने वादी व प्रतिवादी के घर जा रही है। जिससे उनकी समाज में छवि धूमिल हो रही है और गिरफ्तारी सहित अन्य कार्रवाई का डर भी बना रहता है।
दो या तीन साल पहले एफआईआर नहीं होता था, केवल एनसीआर होता था। जिसमें पुलिस चुप होकर बैठ जाती थी क्योंकि उसमें कोर्ट से विवेचना की अनुमति वादी को लेनी होती थी तब पुलिस आगे की कार्रवाई करती थी। पुलिस की एफआईआर के कारण ही आज रिटायर्ड शिक्षक ने इस तरह का कदम उठाया।
बांसगांव के एक रिटायर्ड शिक्षक के चार पुत्र हैं। एक पुत्र बाहर रहता है। एक प्रधान है। उनके दो बेटों में जमीन के बंटवारे को लेकर कुछ दिन पूर्व विवाद हुआ था। तहरीर के आधार पर पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही थी। जिसके बाद पिता ने बेटों को समझाया, काउंसिलिंग कराई और जमीन का बंटवारा किया। फिर सोमवार को दोनों बेटों व उनकी पत्नियों संग एसएसपी दफ्तर पहुंच कर केस खत्म करने की गुहार लगाई।
SSP गोरखपुर
SSP गोरखपुर डॉक्टर ग्रोवर ने बताया की पिता अपने दोनों बेटों संग आए थे। केस खत्म करने की गुहार लगाई है। बांसगांव पुलिस को निर्देश दिया गया है। यह पुलिस के हर छोटे-छोटे मामले में एफआईआर दर्ज करने का नतीजा है, जिससे समाज में सकारात्मक माहौल बन रहा है।
Updated on:
14 May 2024 01:24 pm
Published on:
14 May 2024 10:00 am
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