
ग्रेटर नोएडा। जारचा कोतवाली एरिया के खटाना गांव में अस्सिटेंट पोस्ट मास्टर की हीटर की वजह से मौत हो गई। बताया गया है कि हीटर की वजह से कमरे में आग लग गई और असिस्टेंट पोस्टमास्टर बाहर नहीं आ सके। सोमवार सुबह जब लोगों की आंख खुली तो उन्हें घटना का पता चला। माना जा रहा है कि हीटर से निकलने वाली कार्बन डाई आॅक्साइड गैस भी इसकी एक वजह हो सकती है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने मामले की तहरीर पुलिस को दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दिल्ली में रहता है परिवार
जानकारी के मुताबिक, खटाना गांव निवासी सुभाष चंद (45) गाजियाबाद के डाकघर में बतौर अस्सिटेेंट पोस्टमास्टर के पद पर तैनात थे। उनकी पत्नी दिल्ली में सरकारी टीचर हैं। गांव के प्रधान जयवीर ने बताया कि वह परिवार के साथ में दिल्ली रहते थे। वहीं से गाजियाबाद ड्यूटी करने आते थे। उन्होंने बताया कि सुभाष चंद कुछ दिन पहले ही गांव आए थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली में ही थे। दादरी सीओ निशांक शर्मा ने बताया कि सुभाष चंद कमरे में नीचे ही रजाई डालकर सोये थे। उन्होंने पास में ही हीटर चलाया हुआ था। सोते समय कोई कपड़ा हीटर से छू हो गया होगा, जिसकी वजह से कपड़ों में आ लग गई। आग की चपेट में आने से उनकी मौत हुई है।
धुआं निकलता देख पता चला
वहीं, ग्रामीणों की सोमवार सुबह करीब 5 बजे आंख खुली तो कमरे से धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया। सूचना मिलने पर अन्य ग्रामीणों की मौकेे पर भीड़ इकट्ठा हो गई। पुलिस को भी मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घंटों मशक्कत के बाद में शव को कब्जे ले लिया।
क्या है खतरा
डॉक्टर दिनेश शर्मा ने बताया कि हीटर के जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाई ऑक्साइड गैस निकलती है। ये गैस खतरनाक होती हैं। सांस के जरिए दिमाग को प्रभावित करती हैं। यह गैस काफी जहरीली होती हैं। सोते समय यह गैस और भी खतरनाक होती है।
बरतें ये सावधानियां
- कमरे में वेंटिलेशन का ध्यान रखें, खिड़की को खोल सकते हैं।
- हीटर को कभी भी तीन से ज्यादा कमरे में नहीं चलाना चाहिए।
- हीटर के सामने पानी से भरा बर्तन रखें, ताकि कमरे में नमी बनी रहे।
- हीटर या अंगीठी बेड से लगभग चार मीटर की दूरी पर हों।
Published on:
18 Dec 2017 01:59 pm
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