घटना के बाद मामले की जांच में जुटी पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि बदमाश कार में सवार थे और पहले से ही गेट के सामने पुष्पेंद्र का इंतजार कर रहे थे। पुलिस कोर्ट के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस जांच में पता चला है कि पुष्पेंद्र की कुछ लोगों से पुरानी रंजिश चल रही है। पीड़ित के भाई जितेंदर की शिकायत पर पुलिस ने लक्ष्मण व उसके तीन बेटे दिवाकर, प्रभाकर, रवि और लाला, विनोद के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की है।