
ग्रेटर नोएडा। जलपुरा गौशाला में गायों की मौत मामले में पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार सिंह के आदेश पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दो अधिकारियों और गौशाला में काम करने वाले दो डॉक्टरों के खिलाफ थाना ईकोटेक-3 में एफआईआर दर्ज की गई है। दरअसल, बीते गुरुवार को गौशाला में एक दर्जन से अधिक गाय मृत पाई गई थीं। जानकारी के अनुसार गायों की मृत्यु भूख और प्यास की वजह से हुई। जिसके बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई करते हुए चारों को अपनी संस्था से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। वहीं सीएम योगी ने भी मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
बता दें कि शनिवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने गौशाला का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ प्रबंधक रमेश चंद्र को कार्यमुक्त करते हुए पदावनत किया और उन्हें प्रबंधक बना दिया गया। इसके साथ ही उन्होंने रमेश चंद्र के स्थान पर सलील यादव को वरिष्ठ प्रबंधक (स्वास्थ्य) की जिम्मेदारी दी है।
मामले में सीईओ नरेंद्र भूषण ने कहा कि नए वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधन में दक्षता रखते हैं और उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में इस गौशाला का पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया जाएगा। गायों की मौत के मामले में उचित जांच कर सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिए गए हैं।
इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि गौशाला के तकनीकि प्रभारी डॉ प्रेमचन्द, तत्कालीन जिम्मेदार वरिष्ठ प्रबंधक रमेश चन्द्र सहित शीतल सिंह व सतेंद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि इनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। जिसके लिए पुलिस की तरफ से तैयारी की जा रही है।
वेटनरी चिकित्सक और तकनीकी स्टाफ की मांग
प्राधिकरण ने जिला प्रशासन से गोशाला के लिए वेटनरी चिकित्सक एवं तकनीकी स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने कहा है कि गौशाला में तीन स्थाई चिकित्सक एवं स्टाफ की जरूरत है। ताकि समय पर बीमार गोवंशों का इलाज हो सके। वहीं सीईओ का कहना है कि प्राधिकरण, शासन एवं पशुपालन विभाग से समन्वय स्थापित कर एक वेटनरी अस्पताल की व्यवस्था कराई जाएगी।
Published on:
28 Mar 2021, 12:48 PM IST
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