आॅर्म्स के शौकीनों की जेब अधिक होगी ढीली, लाइसेंस की फीस हुई दोगुनी

आॅर्म्स के शौकीनों की जेब अधिक होगी ढीली, लाइसेंस की फीस हुई दोगुनी

Virendra Kumar Sharma | Publish: Oct, 16 2018 08:42:09 AM (IST) | Updated: Oct, 16 2018 08:42:10 AM (IST) Greater Noida, Uttar Pradesh, India

pistol revolver and rifle license

नोएडा. नए arms license पर लगी रोक हटने के बाद आवेदन की प्रक्रिया 15 अक्टूबर से शुरू हो गई हैं। पहले दिन कलेक्ट्रेट में 320 फॉर्म जमा हुए। ऐसे आवेदकों की संख्या अधिक है, जिन्होंने पहले आवेदन किया है। बाद में शासन के आदेश पर उनका आवेदन निरस्त हो गया था। इस बार चालान फॉर्म व राइफल क्लब फीस से लेकर कई मदों में ली जाने वाली फीस दोगुने से भी ज्यादा हो गई है। इसके चलते रिवॉल्वर, पिस्टल, राइफल, सिंगल और डबल बैरल बंदूक का लाइसेंस लेने वालों को अब अधिक जेब ढीली करनी होगी।

80 प्रतिशत खोखे करने होंगे वापस

असलाह बाबू अरविंद कुमार ने बताया कि लाईसेंसी रिवॉल्वर और पिस्टल के लिए अभी तक 25 कारतूस मिलते थे। लेकिन अब 200 कारतूस खरीद सकते है। वहीं राइफल धारक 75 कारतूस। पहली बार में 100 कारतूस एक साथ ले सकते है। नए कारतूस खरीदने पर 80 फीसदी खोखे वापस करने होंगे।

लाइसेंस के शौकीनों की जेब होगी ढीली

शस्त्र विभाग के असलाह बाबू अरविंद कुमार ने बताया कि पहले शस्त्र लाइसेंस का चालान 200 रुपये का था। लेकिन अब 500 रुपये हो गया है। पहले अलग—अलग मदों में पिस्टल व रिवॉल्वर की फीस 25 हजार रुपये थी, लेकिन अब करीब 58 हजार रुपये चुकाने होंगे।

यह है तय की गई फीस (रुपये में)

कैटिगरी रिवॉल्वर व पिस्टल राइफल डबल बैरल बंदूक सिंगल बैरल बंदूक

एनएससी फीस 50,000 30,000 20,000 10,000

राइफल क्लब फीस 4000 4000 3500 3500

स्टैंप के लिए फीस 2000 1500 1000 1000

रसीद के लिए शुल्क 1000 1000 1000 1000

जिला क्रीड़ा समिति फीस 500 500 250 250

रेडक्रॉस सोसायटी फीस 500 500 250 250

कुल फीस 58,000 37,500 26,000 16,000

प्राथमिकता के आधार पर इन्हें मिलेगा लाईसेंस

कुछ कैटिगरी को छोड़कर वर्ष 2013 में हथियारों के लाइसेंस पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी। शासन ने साल 2016 की गाइडलाइंस के तहत नए शस्त्र के लाइसेंस जारी करने के निर्देश एक सप्ताह पहले दिए है। वहीं, अपराध पीड़ित, विरासत, व्यापारी, उद्यमी, बैंक संस्थागत, वित्तीय संस्थान, विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मी जो प्रवर्तन में कार्यरत हैं, सैनिक, अर्द्धसैनिक, पुलिसकर्मी, एमएलए, एमएलसी, एमपी, राज्य, राष्ट्रीय व अतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज को भी नए लाइसेंस के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।

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