16 हजार में बंदूक और राइफल की कीमत है 38 हजार, जानिए क्या है पिस्टल और रिवाल्वर के रेट

16 हजार में बंदूक और राइफल की कीमत है 38 हजार, जानिए क्या है पिस्टल और रिवाल्वर के रेट

हथियारों के शौकीनों को लाइसेंस लेने के लिए देने होगी मोटी फीस

ग्रेटर नोएडा. आज के समय में खुद व अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए हथियारों का लाइसेंस लिया जाता है। साथ ही शौकीनों की भी कमी नहीं है। एक तरफ जहां शौकीन रिवाल्वर व पिस्टल का लाइसेंस लेने के लिए आवेदन जिला प्रशासन के पास जमा करा रहे है। वहीं बंदूक का लाइसेंस लेने वालों की कमी नहीं है। जानकर आपको हैरानी होगी कि देश में महज तीन तरह की बंदूक का लाइसेंस ही जारी किया जाता है। फिलहाल बंदूक का लाइसेंस भी लेना आसान नहीं है। लाइसेंस के लिए मोटी फीस चुकानी होगी। चाहे बंदूक का लेे या फिर रिवाल्वर व पिस्टल का। बंदूक का लाइसेंस 16 हजार रुपये में मिल सकता है।

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हाईकोर्ट ने कुछ कैटिगरी को छोड़कर साल 2013 में हथियारों के लाइसेंस पर रोक लगा दी थी। आयुध नियमावली 2016 के तहत arms license की रोक हटने के बाद आवेदन की प्रक्रिया 15 अक्टूबर से शुरू हो गई हैं। इस बार चालान फॉर्म व राइफल क्लब फीस से लेकर कई मदों में ली जाने वाली फीस कई गुनी हो गई है। यहीं वजह है कि रिवॉल्वर, पिस्टल, राइफल, सिंगल और डबल बैरल का लाइसेंस लेने वालों को अब अधिक जेब ढीली करनी होगी।

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लाइसेंस के शौकीनों की जेब होगी ढीली

शस्त्र विभाग के असलहा बाबू अरविंद कुमार ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस का चालान 200 रुपये का था। लेकिन अब 500 रुपये हो गया है।

यह है नई फीस (रुपये में)

कैटिगरी रिवॉल्वर व पिस्टल राइफल डबल बैरल बंदूक सिंगल
एनएससी फीस 50,000 30,000 20,000 10,000
राइफल क्लब फीस 4000 4000 3500 3500
स्टैंप के लिए फीस 2000 1500 1000 1000
रसीद के लिए शुल्क 1000 1000 1000 1000
जिला क्रीड़ा समिति फीस 500 500 250 250
रेडक्रॉस सोसायटी फीस 500 500 250 250
कुल फीस 58,000 37,500 26,000 16,000

इन्हें मिलेगी वरियता

शासन ने साल 2016 की गाइडलाइंस के तहत नए शस्त्र के लाइसेंस जारी करने के निर्देश एक सप्ताह पहले दिए है। वहीं, अपराध पीड़ित, विरासत, व्यापारी, उद्यमी, बैंक संस्थागत, वित्तीय संस्थान, विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मी जो प्रवर्तन में कार्यरत हैं, सैनिक, अर्द्धसैनिक, पुलिसकर्मी, एमएलए, एमएलसी, एमपी, राज्य, राष्ट्रीय व अतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज को भी नए लाइसेंस के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।

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