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हाईटेक सिटी में बिना मौजदूगी के भी पुलिस अब इस तकनीक से पकड़ लेगी बदमाश, जल्द शुरू होगा काम- देखें वीडियाे

Highlights पुलिस अधिकारियों ने प्राधिकरण अधिकारियों को भेजा पत्र ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट में लगेंगे एक हजार सीसीटीवी कैमरे ज्यादातर वारदात स्थलों को पुलिस ने चिन्हीत कर प्राधिकरण अधिकारियों को सौंपी सूची सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए सर्वे में जुटी टीम

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ग्रेटर नोएडा। जिले में लगातार बढ़ रहे अपराध पर काबू पाने के लिए पुलिस प्रशासन अब तकनीक का सहारा लेगा और और वो स्थान जहां सबसे ज्यादा अपराध हो रहे है। उस घटनास्थल को चिन्हीत कर वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट में एक हजार सीसीटीवी कैमरे लगाये जाएंगे। जिससे अपराध पर काबू पाया जा सकेगा।

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पुलिस ने प्राधिकरण से मांगा सहयोग

पुलिस ने ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट में अपराध पर रोकथाम करने के लिए प्राधिकरण को सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव देने के साथ ही सहयोग मांगा है। जिसके बाद प्राधिकरण की तरफ से सर्वे करवाया गया है। इसमें ऐसे स्थान चिन्हीत किए गये हैं। जहां सबसे अधिक घटनाये होती है। सीसीटीवी लगाने वाली कंपनी अपनी सर्वे रिपोर्ट11अक्टूबर को पुलिस को सौंप दी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि किस स्थान पर कितने कैमरे लगने हैं। एसपी देहात रणविजय सिंह ने बताया बढ़ते अपराधों को देखते हुए हमने एक योजना तैयार की है। जहां जहां हमारे हॉट स्पॉट हैं वहां वहां फोर्स के तैनाती के अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। जिससे कि कैमरे में अपराधियों के सारे डिटेल मिल जाये। इस डिटेल के आधार पर अपराधी को पहचान उन पर कार्रवाई कर सकेंगे। इस योजना में प्राधिकरण का सहयोग मिल रहा है प्राधिकरण के सीईओ ने कहा है कि सिटी सर्विलांस के आधार पर जितने कैमरे की आवश्यकता होगी वह देंगे।

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एसपी देहात ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर का जो बॉर्डर है और इंटरस्टेट डिस्ट्रिक्ट बॉर्डर है। जिसके कारण अपराधियों पर अंकुश लगाने में परेशानियां आती है। हमारा प्रयास रहेगा कि आसपास के जिलों के पुलिस के साथ हम बातचीत कर महत्वपूर्ण सीमाओं पर भी कैमरे लगाए और इंटरस्टेट मूवमेंट के बारे में अपनी जानकारी शेयर करें। इसके लिए प्राधिकरण की तरफ से एक कंपनी सर्वे का काम कर रही है। कंपनी की सर्वे टीम को पुलिस ने कुछ स्थान चिंहित करके बताए हैं। जहां बदमाश अधिक घटनाएं करते हैं। एसपी ने बताया कि सर्वे होने के बाद प्राधिकरण के साथ बैठक कर कैमरे लगवाने का काम शुरू होगा। जिसके बाद इस योजना की पूरी रुप रेखा तैयार की जाएगी।