
ग्रेटर नोएडा. पर्यावरण मंत्रालय को छोड़कर जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए सभी विभागों से हरी झंडी मिल चुकी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हालही में मुहर लगाई थी। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए सरकार की तरफ से यमुना अथॉरिटी को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यमुना अथॉरिटी की तरफ से जमीन अधिग्रहण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की कवायद की जा रही है। दरअसल में एयरपोर्ट के निर्माण और जमीन अधिग्रहण पर करीब 1900 हजार करोड़ रुपये का खर्चा आना है। एयरपोर्ट के निर्माण के लिए कई गांवों को भी शिफ्ट किया जाना है। एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जमीन देने और गांव शिफ्ट करने को किसान तैयार है।
यमुना अथॉरिटी अधिकारियों की माने तो जमीन अधिग्रहण के लिए कई सरकारी संस्थाएं व बैंक सस्ता लोन देने को तैयार हो गए हैं। जेवर एयरपोर्ट के लिए यमुना अथॉरिटी को प्रदेश सरकार की तरफ से नोडल एजेंसी बनाई गई थी। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण और जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी यमुना अथॉरिटी की है। जमीन अधिग्रहण और निर्माण के लिए यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों ने सरकारी संस्था हुडको, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड समेत कई बैंकों से लोन लेने के लिए अप्लाई कर दिया है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड 500 करोड़ रुपये जबकि हुडको पूरा पैसा देने तक के लिए तैयार है।
हुकडो 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड 7.5 प्रतिशत की दर से लोन देगा। वहीं कई नैशनल बैंक भी कम ब्याज की दर पर लोन देने का आॅफर दे रहे है। जेवर एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी और यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉक्टर अरुणवीर सिंह ने बताया कि बैंक कम ब्याज पर लोन देने को तैयार है। जल्द ही जमीन अधिग्रहण के साथ एयरपोर्ट के निर्माण की कवायद शुरू कर दी जाएगी।
विश्व का था चौथा सबसे बड़ा होगा यह एयरपोर्ट
दिल्ली का इंदिरा गांधी एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जाता है। आने वाले दिनों में जेवर एयरपोर्ट की क्षमता इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से अधिक करने की कवायद की जा रही है। जेवर एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। इसे तैयार होने के बाद मेंं इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से ट्रैफिक कम हो जाएगा।
Published on:
29 Apr 2018 11:07 am
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