23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक्टिीविटी के नाम पर बच्चों से स्कूल प्रबंधन ने कराई चारदीवारी की पुताई, देखें वायरल वीडियो

समाजसेवी संस्था ने फादर एग्नल स्कूल के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को किया ट्वीट, शिकायत के बाद प्रशासन ने कही जांच के बाद कार्रवाई की बात

2 min read
Google source verification
Greater Noida

ग्रेटर नोएडा. प्राधिकरण ने निजी स्कूलों को सस्ती दर से भूमि इस शर्त पर उपलब्ध कराई थी कि स्कूल सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए 25 प्रतिशत गांव और गरीब रेखा से नीचे रहने वाले परिवार के बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराएंगे। शासन के दबाव के चलते बच्चों को निजी स्‍कूल दाखिला तो दे रहे हैं, लेकिन बेहतर शिक्षा देने की जगह एक्टिीविटी के नाम पर बच्चों के हाथों मे ब्रश थमाकर स्कूल की चारदीवारी की रंगाई-पुताई करवा रहे हैं। हालांकि एक सामाजिक संस्था की शिकायत के बाद प्रशासन फादर एग्नल स्कूल मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहा है। वहीं समाजसेवी संस्था ने वीडियो मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को भी ट्वीट किया है।

यह भी पढ़ें- लोकसभा में तीन तलाक बिल पास होने के बाद जानिये क्‍या कहा अतिया साबरी ने, देखें वीडियो-

ग्रेटर नोएडा सेक्टर बीटा-दो स्थित फादर एग्नल स्कूल की चारदीवारी पर पुताई करते हुए बच्‍चों ये व‍ीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। बता दें कि ये वे स्कूली बच्चे हैं, जिन्‍हें स्कूल ने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करने की बात करते हुए निशुल्क शिक्षा उपलब्ध के लिए स्कूल में दाखिला दिया है, लेकिन इन बच्चों को शिक्षा देने के स्थान पर इनके हाथ में कलम देने के बजाए पेंट का ब्रश थमाकर रंगाई-पुताई कराई जा रही है।

यहां बता दें कि फादर एग्नल स्कूल सीबीएससी से मान्यता प्राप्त स्कूल है और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन पर स्कूल में करीब 200 गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देने का दावा किया जाता है। इनमें अनाथ बच्चे भी शामिल हैं। एक एनजीओ इन बच्चों का खर्च उठाता है। स्कूल में इन बच्चों के लिए हॉस्टल और खान-पान की सुविधा मिलती है। इन दिनों स्कूल में सर्दियों की छुट्टिया चल रही हैं, जिसके चलते हॉस्टल में रहने वाले इन गरीब बच्चों को स्कूल प्रबंधन ने रंगाई-पुताई के काम में लगा रखा है। स्कूल बच्चों से रंगाई-पुताई का काम को उनकी स्कूल एक्टिविटी का हिस्सा बता रहा है और स्कूल प्रबंधन का कहना है की बच्चों ने स्वयं दीवार पर रंगाई-पुताई के लिए सहमति दी थी। किसी से जबरन काम नहीं करवाया गया है।

यह भी पढ़ें- दिल्ली-देहरादून हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए बनाया मास्‍टरप्‍लान

अब सवाल ये उठता है कि एक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के साथ दोहरा रवैया क्यों अपनाया जाता है। अगर ये स्कूल एक्टिविटी का हिस्सा है तो सभी बच्चों को इस एक्टिविटी का हिस्सा होना चाहिए। क्यों इन गरीब तबके के बच्चों से मजदूरों जैसा कार्य कराया जा रहा है। क्या स्कूल प्रबंधन के द्वारा कराई जाने वाली ये एक्टिविटी भेदभाव पूर्ण नहीं है। प्रशासन वीडियो के सामने आने के बाद मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहा है।