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Vrindavan Road Accident: वृंदावन से लौट रहे दो दोस्तों की सड़क हादसे में मौत, तीन साथी घायल

Mathura Road Accident : वृंदावन में बांके बिहारी और शनिदेव के दर पर टेका था माथा, किसे पता था कि लौटते वक्त नेशनल हाईवे पर काल बनकर खड़ी है रफ्तार।
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Vrindavan Road Accident

Vrindavan Road Accident : वृंदावन दर्शन के बाद लौट रही कार हादसे का शिकार, दो युवकों की जान गई (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Palwal Road Accident: भक्ति का सफर पल भर में मातम में बदल गया। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर रविवार सुबह एक ऐसा खौफनाक हादसा हुआ, जिसने देखने वालों के दिल दहला दिए। वृंदावन से दर्शन कर अपने घर ग्रेटर नोएडा लौट रहे पांच दोस्तों की तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर दूसरी लेन में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस दिल दहला देने वाले एक्सीडेंट में दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

शनिदेव के दर्शन कर लौट रही थी टोली

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के दादरी का रहने वाला हिमांशु अपने चार अन्य दोस्तों निशांत (निवासी राजपुर), शिवम (निवासी जुनपथ), निशांत (निवासी जुनपथ) और लकी (निवासी सादोपुर) के साथ शनिवार को वृंदावन में शनिदेव और बांके बिहारी के दर्शन करने गया था। सभी दोस्त बेहद खुश थे और रातभर की थकान के बाद रविवार सुबह करीब 6:30 बजे अपनी कार से वापस घर लौट रहे थे।

चीख-पुकार में बदली सुबह की खामोशी

चश्मदीदों के मुताबिक, होडल थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएच-19 पर अचानक कार की रफ्तार बेकाबू हो गई। ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और डिवाइडर को पार करती हुई कार दिल्ली से आगरा जाने वाली विपरीत लेन में चल रही दूसरी गाड़ी से सीधे जा टकराई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए।

सूचना मिलते ही पुलिस और हाईवे एंबुलेंस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक हिमांशु और निशांत (राजपुर) की सांसें थम चुकी थीं। वहीं शिवम, निशांत (जुनपथ) और लकी को लहूलुहान हालत में जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली-एनसीआर के हायर सेंटर (ट्रॉमा सेंटर) के लिए रेफर कर दिया है।

'ब्लैक स्पॉट' बनता जा रहा है यह हाईवे

यह कोई पहला मामला नहीं है जब दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) पर किसी परिवार की खुशियां उजड़ी हों। ट्रैफिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस हाईवे के कुछ हिस्से 'ब्लैक स्पॉट' में तब्दील हो चुके हैं, जहां आए दिन रफ्तार का कहर देखने को मिलता है।

क्यों होते हैं सुबह के समय ऐसे हादसे?

हाईवे हिप्नोसिस (Highway Hypnosis): देर रात या अलसुबह गाड़ी चलाते समय लगातार एक जैसी सड़क देखने के कारण ड्राइवर का दिमाग सुन्न हो जाता है, जिससे पलक झपकते ही गाड़ी अनियंत्रित हो जाती है।

थकान और नींद की झपकी: वृंदावन-मथुरा से रातभर जागकर लौटने वाले वाहन चालक अक्सर सुबह 4 से 7 बजे के बीच नींद का शिकार होते हैं।

रफ्तार पर नियंत्रण न होना: सुबह के वक्त हाईवे खाली मिलने पर गाड़ियों की स्पीड सीमा से अधिक (100+ किमी/घंटा) हो जाती है, जिससे अचानक ब्रेक लगाना नामुमकिन हो जाता है।

पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। हंसते-खेलते घरों के चिराग बुझने की खबर मिलते ही दादरी और आसपास के गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि हादसा किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ या ड्राइवर को नींद की झपकी आने की वजह से।

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