'रिवोल्यूशनरी गॉर्ड्स' को आतंकी घोषित करने के फैसले पर ईरान आगबबूला, अमरीका को दिया करारा जवाब

  • अमरीका ने ईरान की 'रिवोल्यूशनरी गॉर्ड' को आतंकी सगंठन घोषित करने का फैसला किया है।
  • इससे पहले सऊदी अरब और बहरीन 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' को आतंकी सूची में डाल चुका है।
  • 1979 में ईरानी क्रांति के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कॉर्प्स का गठन हुआ था।

By: Anil Kumar

Published: 07 Apr 2019, 01:42 AM IST

तेहरान। ईरान की सरकार अमरीका के एक फैसले को लेकर आगबबूला हो गई है। दरअसल अमरीका ने एक फैसला लेते हुए यह घोषणा की कि अगले हफ्ते तक ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया जाएगा। इसको लेकर अब ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरान ने साफ-साफ अमरीका से कहा है कि यदि ऐसा हुआ तो वह भी पीछे नहीं हटेगा और अमरीकी सेना को लेकर ठोस कदम उठाएगा। ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि अमरीका ने ऐसा किया तो वह भी अमरीकी सेना को आतंकी संगठन घोषित करेगा और आतंकी संगठनों की सूची में डाल देगा। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष हशमतउल्ला ने कहा 'अगर अमरीका ने ऐसा किया तो हम भी उसकी सेना को आतंकियों की सूची में डालने से पीछे नहीं हटेंगे।'

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आईआरजीसी को आतंकी संगठन घोषित करेगा अमरीका

एक अमरीकी अधिकारी ने जानकारी देते हुए यह बताया है कि अगले हफ्ते तक आईआरजीसी को आतंकी संगठन घोषित किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट में शुक्रवार को अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि अमरीका ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रणनीति को बढ़ाते हुए यह कदम उठाया है। बता दें कि यदि ऐसा होता है तो फिर यह पहली बार ऐसा होगा जब अमरीका किसी देश की सेना को आतंकवादी समूहों की सूची में डालेगा।

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1979 में आईआरजीसी का हुआ था गठन

बता दें कि ईरानी क्रांति के बाद अप्रैल 1979 में आईआरजीसी का गठन किया गया था। ईरानी सैन्य बलों की एक शाखा आईआरजीसी को सऊदी अरब और बहरीन पहले ही आतंकवादी संगठन घोषित कर चुके हैं। आईआरजीसी पर प्रतिबंध लगाने और इसे आतंकी संगठन घोषित करने को लेकर अधिकारी कई महीनों से बहस करते रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो जुलाई 2018 की रिपोर्ट में यह बताया गया था कि प्रशासन ऐसा करने पर विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल के एक प्रवक्ता ने इस पर बयान देने से इंकार कर दिया और विदेश विभाग ने इस पर कोई बयान नहीं दिया। रक्षा अधिकारियों ने कहा है कि सीरिया और इराक में तैनात अमरीकी सैनिकों की आईआरजीसी के सदस्यों से अक्सर मुठभेड़ हुई है।

 

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