
अमरीका ने खशोगी के बहाने सऊदी शाही शासन को माना मानवाधिकार उल्लंघन का दोषी
नई दिल्ली। दुनिया भर के देशों में मानवाधिकारों को लेकर जारी अमरीकी वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब में बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन जारी है। कांग्रेस की इस रिपोर्ट में सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या में सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सुल्तान (एमबीएस) की भूमिका को स्वीकार किया है। अमरीकी कांग्रेस ने माना है कि खगोशी की हत्या कराने में एमबीएस का हाथ था।
खशोगी शाही शासन के खिलाफ लिखते थे कॉलम
रिपोर्ट में खाशोगी के बारे में कहा गया है कि वो वर्जीनिया में स्व निर्वासित जीवन जी रहे थे। उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस एमबीएस और शाही शासन के खिलाफ वाशिंगटन पोस्ट में कुछ कॉलम लिखे थे। अक्टूबर में उनकी हत्या की वजह से ही अमरीका और सऊदी अरब में मतभेद को बढ़ावा मिला था। इसके अलावा कम से कम 20 प्रमुख महिला एक्टिविस्ट की गिरफ्तारी, अहिंसक अपराधों के लिए फांसी, कैदियों को जबरन गायब करना और अत्याचार करना जैसे मानवाधिकारों के उल्लंघन का रिपोर्ट में जिक्र है।
पहली बार महिलाओं को मिला चुनाव लड़ने का अधिकार
रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि शाही नियम पहले की तुलना में कम सख्त हैं। कुछ मामलों में नरम रवैया भी शाही शासन ने अख्तियार किया है। पहली बार महिलाओं को मत देने और स्थानीय निकायों में बतौर प्रत्याशी चुनाव लड़ने का अधिकार दिया गया है।
शाही शासन रिपोर्ट को तथ्यहीन बताया
हालांकि सऊद अरब की सरकार ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। शाही शासन ने बताया है कि कुछ मामलों में कांग्रेस की रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित नहीं है।
मध्य पूर्व में अहम साथी
दूसरी तरफ ट्रंप प्रशासन का रुख जमाल खशोगी व शाही शासन के सख्त रवैये को लेकर नरम है। ट्रंप प्रशासन सऊदी सरकार के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाना चाहता है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि सऊदी अरब मध्य पूर्व में अमरीका का महत्वपूर्ण साथी है। इसलिए मामले को तूल देना अमरीकी हित में नहीं है।
Updated on:
14 Mar 2019 03:26 pm
Published on:
14 Mar 2019 03:07 pm
