
गुना। जिले के शिक्षा विभाग के मारकी महू सीएसी और उनकी पत्नी शिक्षिका का अजीबो-गरीब मामला उजागर हुआ है। इसका खुलासा परीक्षा ड्यूटी के दौरान हुआ। सोशल मीडिया पर एक पत्र जमकर वायरल हो रहा है उसमें उनकी पत्नी को तीन माह के सीसीएल अवकाश के लिए हेडमास्टर के फर्जी हस्ताक्षर कर वरिष्ठ अधिकारियों के पास आवेदन भेज दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी को भ्रामक जानकारी देकर गुमराह करते हुए संतान पालन अवकाश स्वीकृत ही नहीं कराया बल्कि दिसंबर से फरवरी तक का तीन माह का वेतन भी उन्होंने प्राप्त कर लिया। हेडमास्टर कह रहे हैं कि मुझे मालूम ही नहीं पड़ा, मेरे हस्ताक्षर नहीं कराए और तीन माह की सीसीएल लीव ले ली, वेतन तक निकल गया। फिलहाल यह मामला शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया है।
वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं संचालित हो रही और कई शिक्षकों की ड्यूटी मनोज भदौरिया द्वारा परीक्षा संपादित करने में लगाई हुई है परंतु उनकी धर्मपत्नी नीतू भदौरिया की कोई ड्यूटी नहीं लगी तो इस मामले की भनक सोशल मीडिया में वायरल ड्यूटी आदेश पत्रों के माध्यम से शिक्षा जगत को प्राप्त हुई तो एक अजीबो गरीब और दिलचस्प मामला उजागर हुआ। क्षेत्र में कई पीडि़त शिक्षक हैं जो दबी जुबान पर मनोज भदौरिया के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चर्चा करते हैं और कई रहस्य का खुलासा करते हैं।
ये है मामला
दरअसल मामला, बमोरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकासखंड गुना के जन शिक्षा केंद्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मारकीमहू के सीएसी मनोज भदौरिया का है। मनोज की पत्नी नीतू प्राथमिक शिक्षक हैं जो शासकीय प्राथमिक विद्यालय सहराना मारकी महू में पदस्थ हैं। नीतू के पति सीएसी मनोज भदौरिया के मारकीमहू क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 40 विद्यालयों के अधीन सहराना स्कूल में पदस्थ हैं। जब इस मामले की शिक्षा जगत से लोगों द्वारा पड़ताल की गई तो पता चला कि सीएसी मनोज भदोरिया द्वारा मध्यप्रदेश शासन सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 के नियम 38-ग 'संतान पालन अवकाश' नियमों में उल्लेखित नियमों का पालन नहीं करते हुए अपनी धर्मपत्नी को 3 माह का अवकाश स्वीकृत करा दिया गया। जब पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पता चला कि हेडमास्टर के फर्जी साइन है।
ऐसे हुआ खुलासा
मध्यप्रदेश शासन द्वारा संतान पालक अवकाश जारी गाइडलाइन के अनुसार, सर्वप्रथम स्कूल के हेडमास्टर ने यह टिप्पणी अंकित करते हुए कि Óविद्यालय में पर्याप्त शिक्षक मौजूद हैं और छुट्टी पर जाने वाले शिक्षक के कारण विद्यालय के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगीÓ यह पंक्ति, सील और हस्ताक्षर करके अवकाश फाइल वेतन केंद्र को भेजी जाती है। वेतन केंद्र द्वारा टिप्पणी को सही मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को अवकाश की फाइल भेजी जाती है।
लेकिन इसके विपरीत करते हुए संबंधित सीएसी मनोज भदौरिया द्वारा आवेदन पत्र पर हेड मास्टर के फर्जी हस्ताक्षर कर फाइल को वेतन केंद्र से जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित कराया गया। यह कहते हुए हेडमास्टर से स्कूल की सील मंगाई गई की स्कूल की जानकारी बनानी है। उनकी पत्नी द्वारा स्कूल के अलमारी से सील उठा कर सीएसी को दी गई । जब यह आवेदन पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो हेडमास्टर को भनक लगी और मनोज भदौरिया द्वारा उनकी का तीन महीने का अवकाश स्वीकृति का आदेश है थमाया गया।
यह मामला आपके द्वारा मेरे संज्ञान में लाया गया है। इसकी मैं जानकारी लेकर जांच कराता हूं यदि ऐसा हुआ है तो दोषी कोई भी हो, उसको छोड़ा नहीं जाएगा।
- ऋषि कुमार शर्मा, डीपीसी गुना
मैंने किसी भी तरह के साइन नहीं किए हैं। एक दिन मैं गया था स्कूल बंद मिला था, इसलिए वे यह बात कह रहे होंगे।
- मनोज भदौरिया, सीएसी मारकी महू
मामले की डीईओ से शिकायत करूंगा
मैंने न तो सीसीएल फॉर्म स्वीकृति के लिए भेजा और न ही मैंने साइन किए। सील तो मेरे से यह कहकर नीतू भदौरिया मैडम ले गई थीं कि स्कूल की जानकारी सील लगाकर भेजनी है। मेरे पास तो जब सीसीएल का आदेश आया, तब मालूम पड़ा। इसकी मैं जल्द डीईओ से शिकायत करूंगा।
- राम भरोसे शर्मा, हेडमास्टर शासकीय प्राथमिक विद्यालय सहराना गुना
Updated on:
04 Mar 2023 10:01 pm
Published on:
04 Mar 2023 09:59 pm
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