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Political: विकास कार्यों को तरस रहा गुना, उधर पानी के टैंकर हो रहे कबाड़, निकल रही पहियों की हवा

प्रचार का जरिया : टैंकरों पर खर्च किए विधायक निधि के 33 लाख और लगवा दिए फोटो

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Political: विकास कार्यों को तरस रहा गुना, उधर पानी के टैंकर हो रहे कबाड़, निकल रही पहियों की हवा

Political: विकास कार्यों को तरस रहा गुना, उधर पानी के टैंकर हो रहे कबाड़, निकल रही पहियों की हवा

गुना. शासन की मंशा है कि शहर और गांव का विकास हो और लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिले। इसके लिए सरकार माननीयों को विधायक निधि देती है। ताकि वे अपने क्षेत्र में इस राशि का उपयोग कर सकें, लेकिन गुना विधायक ने अपने प्रचार के लिए लाखों रुपए टैंकरों के नाम पर खर्च कर दिए और शहर की जनता बुनियादी सुविधाओं को तरसती रही। अशोकनगर में भी नपा को उनके विधायकी काल में भी 22 टैंकर दिए थे, जिनकी कीमत गुना में बने टैंकरों से काफी अधिक थी, जो लंबे समय तक चर्चाओं में बने रहे थे।

दरअसल, उनके द्वारा 2० टैंकरों को खरीदने करीब 33 लाख रुपए विधायक निधि से दिए जाने का प्रस्ताव योजना मंडल को दिया था। पांच-छह माह पूर्व उन्होंने विधायक निधि से 2० टैंकर नगर पालिका को दिए थे। उस पर अपने फोटो चस्पा करा दिए, लेकिन गुना शहर में बुनियादी विकास कार्यों के लिए नगर पालिका को कोई राशि नहीं दी। जबकि शहर में ऐसे कई हिस्से हैं, जहां न तो सड़क है और ना ही पानी निकासी का इंतजाम। बारिश में बच्चों को निकलना तक मुश्किल होता है। इसके बाद भी शहर के विकास में विधायक का योगदान नहीं मिल रहा। इससे लोगों में भी नाराजगी है।

पूर्व सांसद के नाम को लेकर हुआ था विवाद: इसके पहले पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी करीब ५ टैंकर दिए थे। इनकी कीमत ७.५० लाख रुपए से अधिक थी। उन टैंकरों पर उनका नाम लिखा था। नाम के आगे श्रीमंत लिखने पर विवाद गहरा गया और आखिरकार नाम हटाना पड़ा। पूर्व सांसद सिंधिया द्वारा भी नपा क्षेत्र में विकास कार्य के लिए राशि नहीं दी गई। जबकि उनको ५ करोड़ की सांसद निधि मिलती थी। वे दो-दो करोड़ अशोकनगर और शिवपुरी में खर्च करते थे। एक करोड़ राशि गुना और बमोरी विधानसभा क्षेत्र में। इसके बाद भी गुना शहर सांसद निधि को तरसता रहा।

इन बस्तियों में नहीं हुआ विकास: जबकि शहर विकास कार्यों के लिए तरस रहा है। शहर की पॉश कॉलोनियों को छोड़ दिया जाए तो कई वार्ड ऐसे हैं, जहां काम नहीं हुए। लोग नाली, सड़क और पानी निकासी की समस्या से जूझ रहे हैं। शहर के मुख्य क्षेत्र को छोड़कर दूसरी बस्तियों में रहवासी सीसी और नाली न बनने से परेशान हैं।

नगर पालिका क्षेत्र के बंगला मोहल्ला की एक गली में लोग वर्षों से सीसी या पैवर्स लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन वहां के लिए कोई राशि नहीं मिली। विकास नगर, बरबटपुरा, कुशमौदा, भगत सिंह कॉलोनी, गोपालपुरा, सरस्वती विहार सहित कई कॉलोनियां हैं, जहां बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं।

विकास की जगह इनको तब्ज्जों देते हैं माननीय: सूत्र बताते हैं कि गुना में अकेले ही नहीं अन्य जगह भी देखी जाए तो अधिकतर माननीयों का अपनी विधायक निधि से फोकस टैंकर खरीद कर देने में, सौर ऊर्जा लगवाने में, यात्री प्रतीक्षालय बनवाने में दी जाती है। विकास के मामले में देखा जाए तो गुना विधायक के साथ-साथ अन्य माननीय भी सड़क, नाली और खरंजा आदि पर नगर पालिका को पैसा देने में कंजूसी देते हैं। कुछ समय पूर्व ही सौर ऊर्जा को लेकर एक प्रस्ताव किसी कंपनी का नाम प्रस्तावित कर विधायक की ओर से कलेक्टर को गया था, कलेक्टर ने उस कंपनी को उस काम का ठेका दिए जाने को अस्वीकार कर दिया है।

ये बोले जिम्मेदार

विधायक गोपीलाल जी ने बीस टैंकर नगर पालिका को दिए थे। पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया जी ने भी पांच टैंकर दिए थे। ये सब जरूरत पडऩे पर चलाए जाते हैं, फिलहाल तो सर्दी होने से पानी की जरूरत कम होने से टैंकर भी कम जा रहे हैं। इनको अलग-अलगजगह खड़े कराए जाते हैं।

-जीके अग्रवाल प्रभारी जल प्रकोष्ठ