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गुना। जिले के राघौगढ़ में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा भरसूला हाइवे को बैरिकेड लगाकर काफी समय से बंद किया गया है। जिससे यहां 15 साल पुराने दुकानदारों पर रोजगार का संकट मंडरा गया है। ग्राहकी घटकर बमुश्किल 10 प्रतिशत रह गई है। सवारियां न मिलने से ऑटो वाले भी बेहद परेशान हैं। आमजन से जुड़ी इस समस्या को पत्रिका ने हाइवे प्रबंधन तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
राघौगढ़ के आवागमन की समस्या को लेकर लोगों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। लोग कह रहे हैं यह आवागमन व्यवस्था कब तक सर्विस लाइन में भटकती रहेगी। नागरिकों का तर्क है कि मक्सी से लेकर ग्वालियर तक हाइवे के बीच में आने वाले कई शहर और कस्बों के तिराहा व चौराहा ओपन हैं तो भरसूला चौराहा को दुर्घटनाएं रोकने के व्यापक इंतजामों के साथ ओपन क्यों नही किया जा रहा। हद तो यह है कि दुर्घटनाओं का डेंजर जोन बने भरसूला चौराहा को सुरक्षित जोन बनाकर दुर्घटनाओं को रोकने की जरूरत थी लेकिन हाइवे के जिम्मेदारों ने आनन-फानन में राघौगढ़ के आवागमन को बंद करके 3 किमी सर्विस लाइन से भटकने के लिए मजबूर कर दिया। जिसके कारण 6 सडकों से होकर दौड़ने वाला यातायात साडा स्थित ब्रिज के नीचे से डायवर्ट होकर बडी समस्या का कारण बन गया है।
बवाल ने बंद कराई क्रॉसिंग
दरअसल यह गंभीर मामला राघौगढ़ स्थित भरसूला का है। जहां बीते वर्ष अगस्त में हाइवे पर क्रॉसिंग के दौरान लगातार हुई तीन दुर्घटनाओं से मचे बवाल के कारण क्रॉसिंग बंद कर बैरिकेट लगा कर स्टेट हाइवे का आवागमन बंद कर दिया गया था । लेकिन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग और फोरलेन निर्माण कंपनी को सुरक्षा की दृष्टि से जंक्शन जैसा चौराहा बनाने की बजाए असुरक्षित चौराहा बनाकर छोड दिया है। जबकि हाइवे के जिम्मेदारों को हादसों को रोकने की जरूरत थी न कि राघौगढ़ का रास्ता रोकने की । इसकी वजह से भरसूला से राघौगढ़ के बीच का विकास थम कर रह गया है। रोजी-रोटी के लिए लोगों द्वारा शुरू किया गया रोजगार सपना बनकर रह गया है।
विधायक ने उठाई थी जनता की मांग
बीते माह विधायक जयवर्धन सिंह की मांग पर हाइवे प्रशासन ने इंदौर-ग्वालियर की ओर जाने वालों के लिए जालीदार बैरिकेड हटाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने चौराहा से 250 फीट दूरी पर जालियां हटाना शुरू किया तो बडी संख्या में टैक्सी चालकों और लोगों ने विरोध जताते हुए कहा कि चौराहा ओपन किया जाए। जिस प्रकिया से जाली हटाई जा रही हैं उससे कोई हल नही निकलेगा। इसके बाद भी लोगों को सर्विस लाइन के चक्कर में इधर-उधर भटकना पडे़गा इसलिए चौराहा को ओपन कर क्रॉसिंग चालू की जाए।
अनदेखी ऐसी कि अंधेरे में डूबा भरसूला
हाइवे प्रशासन की भरसूला पर अनदेखी लगातार बढ़ती जा रही है। हाइवे से बंद की गई क्रॉसिंग के बाद लंबे समय से सर्विस लाइन किनारे की कई खंभों की लाइट बंद पडी हुई है। जिसके कारण राघौगढ़ के मुख्य द्वार पर अंधेरा पसरा हुआ है। दुकानदार और कुछ होटल वालों के निजी विद्युत व्यवस्था से चौराहा पर कुछ उजाला बना रहता है। लेकिन हाइवे के जिम्मेदार इन समस्याओं से पूरी तरह से बेखबर बने हुए हैं।
दुकानदारों की परेशानी उनकी जुबानी
भरसूला चौराहा पर मेरी किराना दुकान काफी समय से है। लेकिन जब से यहां की क्रॉसिंग बंद कर दी गई है तब से ग्राहकी न के बराबर रह गई है। दुकान का किराया तक भरना मुश्किल हो गया है। नौबत तो ऐसी आ गई है कि यदि जल्द रास्ता नहीं खोला गया तो दुकान बंद कर दूसरा धंधा देखना पड़ेगा। इस जगह पर 15 साल से भी ज्यादा पुराने 30 से अधिक अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े दुकानदार हैं, जिनकी रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
मनोज सोनी, किराना दुकानदार
भरसूला की क्रॉसिंग शीघ्र चालू कर जंक्शन चौराहा बनाया जाए। जिससे दुकानदारों को रोजगार और बढ़ेगा। वाहन चालक सर्विस लाइन के चक्कर से बच सकें। स्कूल के बच्चों को भी कई किमी का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। राघौगढ़ की इस ट्रैफिक व्यवस्था के साथ न्याय किया जाए। सबसे ज्यादा ऑटो वाले परेशान हैं, उन्हें सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। अनिश्चिता के बीच वह दूसरा धंधा भी नहीं कर पा रहे हैं।
सुरेंद्र सिंह राजपूत, व्यवसायी
Updated on:
27 Jul 2024 09:56 am
Published on:
13 Jun 2024 05:38 pm
