
गुना। वन विभाग में कुछ वर्ष पूर्व जंगल की सुरक्षा आदि के लिए जिले भर में छह सौ से अधिक लोगों को विकास दल सदस्य के रूप में रखा था, जिनको निकाले जाने की तैयारी हो गई है।
इसकी भनक मिलते विकास दूत सदस्य सक्रिय हो गए हैं। उधर मप्र वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आव्हान पर पांच मई से जिले भर के अधिकारी व कर्मचारी आंदोलन के पांचवे चरण में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। उनका कहना है कि यह बहुत ही गलत बात है। यह हमारे साथ अन्याय होगा।
सूत्रों ने बताया कि वन सुरक्षा में लगे विकास दूत सदस्यों को विभाग की ओर से लगभग छह हजार रुपए वेतन दिया जाता है। इनको कुछ समय पूर्व हटाए जाने के आदेश मप्र शासन से आए थे। इसकी जानकारी मिलते ही विकास दल सदस्य एकत्रित होकर भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख धर्मस्वरूप भार्गव के नेतृत्व में वन संरक्षक डीएस कनेश से मिले, उनको एक ज्ञापन दिया, जिसमें कहा कि उनको नौकरी से न हटाया जाए। क्योंकि इससे हमारे साथ साथ आपको भी तकलीफ होगी।
कनेश ने उनको दूसरी जगह रखे जाने का आश्वासन दिया। वन संरक्षक को ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से नरेन्द्र सिंह बैस, विनोद भारद्वाज, विकास दूत के सदस्य प्रकाश बैरागी, राजेश साहू, हेमा नायक, भोलाराम शर्मा, पप्पू खैरूआ, हरिओम किरार, सीताराम किरार आदि शामिल थे। वन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विनोद भारद्वाज के अनुसार 19 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने से पूर्व कर्मचारियों ने अपनी बंदूकें कार्यालय में जमा करा दी हैं।
4 मई को बस्ता कार्यालयों में जमा करा दिए जाएंगे। पांच मई से वन रक्षक स्तर से लेकर रेंजर स्तर तक के सभी कर्मचारी, अधिकारी, मानचित्रकार, कम्प्यूटर ऑपरेटर, तेंदू पत्ता प्रबंधक कर्मचारी मांगे माने जाने के लिए पांच मई से अनिश्चित हड़ताल पर रहेंगे। ताकि उनकी मांगों की पूर्ति हो सकें और उनकी नौकरी बच सकें।
Published on:
4 May 2018, 10:17 AM IST
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